आजादी के बाद देश में हुए किसी भी राजनीतिक बदलाव से अलग है बंगाल का परिवर्तन : अमित शाह
आजादी के बाद देश में हुए किसी भी राजनीतिक बदलाव से अलग है बंगाल का परिवर्तन : अमित शाह
कोलकाता, 19 जुलाई (भाषा) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि बंगाल में आया बदलाव आजादी के बाद देश के किसी भी राज्य में हुए राजनीतिक परिवर्तन से अलग है।
शाह ने यहां अमूल बंगाल डेरी परियोजना के तहत दही उत्पादन संयंत्र की आधारशिला रखते हुए राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की सराहना की।
शाह ने पूर्वी कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर से हावड़ा में बनने वाले इस संयंत्र की आधारशिला डिजिटल माध्यम से रखी। इस मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद थे।
शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘बंगाल में आया बदलाव आजादी के बाद देश के किसी भी राज्य में देखे गए राजनीतिक परिवर्तन से अलग है।’
उन्होंने राज्य की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पहले बंगाल पर तीन दशक तक वामपंथ की विदेशी विचारधारा का शासन रहा और उसके बाद 15 वर्षों तक भ्रष्ट एवं वैचारिक रूप से दिवालिया तृणमूल कांग्रेस की सरकार रही।’
शाह ने पश्चिम बंगाल के अपने तीन दिवसीय दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने शासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की है। उन्होंने कहा, ‘पिछले दो दिनों में हमने घुसपैठ रोकने, कानून-व्यवस्था मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा बेहतर करने के लिए कई कदमों पर चर्चा की और निर्णय लिये हैं।’
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि प्रस्तावित अमूल बंगाल डेरी परियोजना राज्य के डेरी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी और इससे दुग्ध उत्पादकों की आय में उल्लेखनीय सुधार होगा।
करीब 700 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना में प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जाएगा और हर दिन 10 लाख किलोग्राम दही तथा अन्य डेरी उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। इससे पश्चिम बंगाल के 1.25 लाख से अधिक डेरी किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनमें 30,000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं।
इस परियोजना का उद्देश्य पूर्वी भारत में सहकारी डेरी नेटवर्क को मजबूत करना और राज्य के दुग्ध उत्पादकों के लिए स्थायी बाजार तैयार करना है।
न्यू टाउन में आयोजित कार्यक्रम शाह के तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे का आखिरी कार्यक्रम था। इस दौरान उन्होंने कई आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और विभिन्न बैठकों में भाग लिया।
भाषा अमित दिलीप
दिलीप

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