बेंगलुरु ‘डे केयर’ मामला: एनएचआरसी ने कर्नाटक सरकार, पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया
बेंगलुरु ‘डे केयर’ मामला: एनएचआरसी ने कर्नाटक सरकार, पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया
नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बेंगलुरु की एक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी के परिसर में संचालित ‘डे-केयर सेंटर’ में आया द्वारा कुछ छोटे बच्चों के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किए जाने की खबरों को लेकर कर्नाटक सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि खबरों के अनुसार, बाल हेल्पलाइन के एक अधिकारी को छोटे बच्चों के साथ ‘‘क्रूरता’’ के वीडियो मिलने के बाद यह घटना सामने आई। ये वीडियो उन पेशेवरों के बच्चों से संबंधित हैं, जो परिसर में काम करते हैं और काम के दौरान अपने बच्चों को इस केंद्र में छोड़ते थे।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी के परिसर में संचालित ‘डे-केयर सेंटर’ में आया द्वारा ‘‘कुछ छोटे बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार’’ किए जाने संबंधी मीडिया की एक खबर का स्वत: संज्ञान लिया है।
आयोग ने कहा कि यदि मीडिया की खबरों में दी गई जानकारी सही है तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाती है इसलिए आयोग ने कर्नाटक के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
दो जुलाई को प्रकाशित मीडिया की खबर के अनुसार, वीडियो में कथित तौर पर आया छोटे बच्चों को वॉशिंग मशीन के अंदर डालते, टॉयलेट जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी डालते, उन्हें चुप कराने के लिए शौचालय में बंद करते, पश्चिमी शैली के कमोड पर बैठने के लिए मजबूर करते और रोने पर चुप रहने की धमकी देते नजर आ रही हैं।
बयान में कहा गया कि ‘डे-केयर सेंटर’ को अस्थायी रूप से एहतियातन बंद कर दिया गया है।
पुलिस ने इस मामले में ‘डे-केयर सेंटर’ की दो आया को छोटे बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
एनएचआरसी ने एक अलग बयान में कहा कि उसने मध्यप्रदेश के सागर जिले के बांदा सिविल अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण डेढ़ वर्षीय बच्चे की आंखों की रोशनी चले जाने संबंधी मीडिया की एक खबर का भी स्वत: संज्ञान लिया है।
खबरों के अनुसार, बच्चे को सर्दी और आंखें लाल होने के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। चिकित्सकों ने कथित तौर पर नाक में डालने वाली दवा उसकी आंखों में डाल दी, जिसके बाद उसे संक्रमण हो गया और उसकी आंखों की रोशनी चली गई।
बयान में कहा गया कि एनएचआरसी ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
भाषा सिम्मी शोभना
शोभना

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