बेंगलुरु: बेटी की हत्या के आरोप में महिला अधिवक्ता गिरफ्तार, तीन पुलिस अधिकारी निलंबित

बेंगलुरु: बेटी की हत्या के आरोप में महिला अधिवक्ता गिरफ्तार, तीन पुलिस अधिकारी निलंबित

बेंगलुरु: बेटी की हत्या के आरोप में महिला अधिवक्ता गिरफ्तार, तीन पुलिस अधिकारी निलंबित
Modified Date: June 12, 2026 / 03:50 pm IST
Published Date: June 12, 2026 3:50 pm IST

बेंगलुरु, 12 जून (भाषा) पुलिस ने 39 वर्षीय उस महिला अधिवक्ता को गिरफ्तार कर लिया है जिसके खिलाफ उसकी पांच साल की बेटी की हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने यह जानकारी देते हुए शुक्रवार को बताया कि आरोपी महिला प्रियंका को बृहस्पतिवार को सकलेशपुर से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले उसके सहजीवन साथी मोहन जी को गिरफ्तार किया गया था।

जांच में कोताही के आरोप में तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें एक निरीक्षक, एक उप निरीक्षक और एक कॉन्स्टेबल शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, यह मामला 25 मार्च को सामने आया था, जब बच्ची वेंनेला का शव मिला था। चार जून को बच्ची के पिता की शिकायत के आधार पर कडुगोडी पुलिस थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान प्रियंका बेंगलुरु से फरार हो गई थी और गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले मैसूर और बाद में सकलेशपुर चली गई थी।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में मोहन ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने बच्ची को कार के अंदर पीटा और गला घोंटकर हत्या की थी। प्रियंका से पूछताछ की जा रही है कि घटना के समय उसकी भूमिका क्या थी और क्या वह किसी साजिश में शामिल थी।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह भी जांच की जा रही है कि क्या बच्ची के रंग-रूप को लेकर कथित असंतोष इस हत्या का संभावित कारण था।

बेंगलुरू के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि इस पूरे मामले की जांच को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई रिपोर्ट में कुछ खामियों के बारे में बताया गया। ‘‘रिपोर्ट के आधार पर इन खामियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।’’

उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी को बदल दिया गया है।

इस बीच गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि चार अप्रैल को जब पोस्ट मार्टम रिपोर्ट मिली तब उन्हें (पुलिस को) इसे संदिग्ध मौत की तरह मान कर जांच करनी चाहिए थी। ‘‘इसके बजाय अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया और पुलिस उप निरीक्षक ने इसे अपने तरीके से देखा। यह नियम विरुद्ध है। इसलिए तीन पुलिस अधिकारी निलंबित किए गए। निश्चित रूप से उनकी ओर से खामियां हैं और हम जांच करेंगे।’’

शिकायतकर्ता और बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि प्रियंका ने घटना को लेकर अलग-अलग और विरोधाभासी बयान दिए, जिससे संदेह गहरा हुआ। शिकायत में कहा गया है कि प्रियंका ने पहले बच्ची के पिता को बताया कि 24 मार्च की रात बच्ची ने बिरयानी खाई थी और अगली सुबह वह मृत मिली। बाद में महिला ने कहा कि वह कोलार में वेनेला को वातानुकूलित कार में सोते छोड़ कर मोहन का जन्मदिन मनाने के लिए पास ही के कैफे में गई थी और घर लाने के बाद अगले दिन बच्ची मृत मिली।

पुलिस के अनुसार, आगे की जांच जारी है।

भाषा मनीषा

मनीषा


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