भांगर विस्फोट मामला: पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को 14 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा गया

भांगर विस्फोट मामला: पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को 14 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा गया

भांगर विस्फोट मामला: पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को 14 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा गया
Modified Date: June 6, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: June 6, 2026 10:15 pm IST

कोलकाता, छह जून (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को भांगर बम विस्फोट मामले में जांच एजेंसी की 14 दिन की हिरासत में भेज दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

एनआईए ने अदालत में मोल्ला को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में हुए विस्फोट का ‘‘मुख्य साजिशकर्ता’’ बताया।

पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के बामुनिया गांव में 19 मार्च को हुए बम विस्फोट में एक महिला की मौत हो गई थी और कुछ अन्य घायल हो गये थे। उस स्थान पर कथित तौर पर बम बनाए जा रहे थे।

अधिकारी ने बताया कि अदालत ने मोल्ला को 19 जून तक एनआईए की हिरासत में भेजे जाने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि अदालत ने एजेंसी की उस याचिका को भी स्वीकार कर लिया जिसमें शुक्रवार रात को मोल्ला की गिरफ्तारी के बाद उनके पास से बरामद मोबाइल फोन और पेन ड्राइव की फोरेंसिक जांच कराये जाने का अनुरोध किया गया था।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मोल्ला इस मामले में मुख्य संदिग्ध और प्रमुख साजिशकर्ता हैं। हमारी जांच से पता चला है कि वह इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों को निर्देश दे रहे थे। हमें ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं जिनसे पता चलता है कि विस्फोट के बाद साक्ष्यों को नष्ट करने के निर्देश जारी किए गए थे।’’

एनआईए ने अदालत को बताया कि इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अदालत ने अन्य आरोपियों से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की भी अनुमति दी।

मोल्ला की हिरासत का अनुरोध करते हुए एनआईए के वकील ने दलील दी कि मोल्ला एक प्रभावशाली राजनीतिक नेता हैं और जमानत पर उनकी रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है।

एजेंसी की याचिका का विरोध करते हुए, मोल्ला के वकील ने जमानत दिये जाने का अनुरोध किया।

जांच के तहत, एनआईए की टीम ने बृहस्पतिवार को भांगर में तलाशी अभियान चलाया और मोल्ला के आवास, पार्टी कार्यालय और कई अन्य स्थानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पूर्व विधायक मौजूद नहीं थे और उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।

मोल्ला के परिवार ने दावा किया है कि उन्होंने जांच एजेंसी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव


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