Yogi Government News: योगी सरकार के इस फैसले ने उड़ाई ग्राम प्रधानों की नींद, इन कामों के लिए लेनी होगी DM की परमिशन, जारी हुए नए दिशा-निर्देश
Yogi Government News: प्रशासक बने ग्राम प्रधान अब बिना डीएम की मंजूरी के कोई नया कार्य नहीं कर सकेंगे और न ही नया फंड खर्च कर सकेंगे।
Yogi Government News/ Image Source : X Handle
- प्रशासक बने ग्राम प्रधानों के लिए योगी सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश।
- प्रशासक बिना डीएम की मंजूरी के कोई नया कार्य नहीं कर सकेंगे।
- प्रशासक बने ग्राम प्रधानों नया फंड भी खर्च नहीं कर सकेंगे।
Yogi Government News: बांदा: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया है। इसको लेकर पंचायती राज विभाग ने दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रशासक बने ग्राम प्रधान अब बिना डीएम की मंजूरी के कोई नया कार्य नहीं कर सकेंगे और न ही नया फंड खर्च कर सकेंगे।
प्रशासकों कर सकेंगे सिर्फ ये काम
बताया गया कि, प्रशासक अपने स्तर से केवल उन्हीं पुराने व पहले से चल रहे विकास कार्यों का भुगतान कर सकेंगे जो पहले से स्वीकृत हैं। (Yogi Government News) नई योजनाओं, खरीद या नए विकास कार्यों को शुरू करने के लिए डीएम से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राम प्रधानों के लिए नए नियम सिर दर्द बन गए हैं। कार्यकाल बढ़ने पर प्रशासक बनाए जाने से गदगद प्रधानों की नई व्यवस्था ने नींद उड़ा दी है।
26 मई को खत्म हुआ था कार्यकाल
Yogi Government News: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, बांदा जिले में 469 ग्राम पंचायत है। इन सभी ग्राम पंचायतों का 26 मई को कार्यकाल समाप्त होने के बाद 27 मई से निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक बनाया गया। इसे लेकर प्रधान व उनके प्रतिनिधि उत्साहित थे कि पंचायतों का संचालन पहले की तरह चलता रहेगा। पंचायती राज विभाग ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए नया शासनादेश जारी किया है।
पंचायती राज विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, प्रशासक केवल पहले से स्वीकृत, निर्माणाधीन या पूर्ण हो चुके कार्यों का भुगतान करा सकेंगे। किसी भी नए कार्य को शुरू करने से पहले प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से डीएम के पास भेजना होगा, डीएम की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही काम शुरू हो सकेगा। यानी अब गांव में खड़ंजा, नाली, इंटरलाकिंग, (Yogi Government News) हैंडपंप या अन्य विकास कार्यों की शुरुआत प्रधान की मर्जी से नहीं बल्कि डीएम की मंजूरी के बाद ही करवा सकेंगे। इतना ही नहीं, आवश्यकता पड़ने पर प्रस्तावित कार्यों की जांच भी कराई जा सकती है।
प्रशासक नहीं ले सकेंगे नीतिगत निर्णय
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशासक कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। यदि कोई विशेष या अत्यावश्यक मामला सामने आता है तो उसका प्रस्ताव डीपीआरओ के माध्यम से डीएम को भेजना अनिवार्य होगा। दरअसल, यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है, ताकि पंचायत चुनाव से पहले फंड के दुरुपयोग को रोका जा सके और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। (Yogi Government News) ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद खुद को प्रशासक बनाए जाने से उत्साहित प्रधानों के लिए नया आदेश रातों की नींद उड़ा दी है।
डीएम की अनुमति के बिना नहीं शुरू होगा नया विकास कार्य
Yogi Government News: शासन के नए आदेश ने साफ कर दिया है कि अब प्रशासक बने प्रधान डीएम की अनुमति के बिना कोई नया विकास कार्य शुरू नहीं करा सकेंगे। यानी गांव की सरकार की चाबी अब सीधे डीएम के हाथ में रहेगी। प्रधानों को उम्मीद थी कि प्रशासक बनने के बाद भी उनके अधिकार पहले जैसे बने रहेंगे, लेकिन अब उन्हें ज्यादातर कार्यों के लिए प्रशासन की चौखट पर आमद करनी पड़ेगी।
बांदा के डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि, नई योजनाओं, खरीद या नए विकास कार्यों को शुरू करने के लिए डीएम से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। (Yogi Government News) डीएम की संस्तुति पर ही नए कार्य हो सकेंगे।
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