‘भारत इनोवेट्स’ भारतीय नवाचारों को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध: धर्मेंद्र प्रधान

‘भारत इनोवेट्स’ भारतीय नवाचारों को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध: धर्मेंद्र प्रधान

‘भारत इनोवेट्स’ भारतीय नवाचारों को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध: धर्मेंद्र प्रधान
Modified Date: March 22, 2026 / 09:42 pm IST
Published Date: March 22, 2026 9:42 pm IST

नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को कहा कि ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का उद्देश्य देश के हर कोने से अनुसंधान और विकास-संचालित नवाचारों को वैश्विक मंच पर ले जाना, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करना, निवेश के अवसरों को खोलना और स्थायी वैश्विक साझेदारी का निर्माण करना है।

वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बंबई में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स डीप-टेक प्री-समिट’ को संबोधित कर रहे थे।

फ्रांस में आयोजित होने वाली ‘भारत इनोवेट्स 2026 वैश्विक प्रदर्शनी’ के पहले 21-22 मार्च को आयोजित सम्मेलन में देश भर से प्राप्त 3,000 से अधिक आवेदनों में से चयनित 137 होनहार ‘डीप-टेक स्टार्टअप’ एक साथ आए।

चयनित स्टार्टअप अब फ्रांस में होने वाले आगामी ‘भारत इनोवेट्स 2026’ सम्मेलन में भारत के ‘डीप-टेक इकोसिस्टम’ का प्रतिनिधित्व करने के लिए आगे बढ़ेंगे, जिससे प्रौद्योगिकी-संचालित नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।

प्रधान ने कहा, ‘‘भारत इनोवेट्स 2026 का उद्देश्य देश के हर कोने से अनुसंधान एवं विकास द्वारा संचालित नवाचारों को वैश्विक मंच पर ले जाना, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करना, सार्थक सहयोग को बढ़ावा देना, निवेश के अवसरों को खोलना और स्थायी वैश्विक साझेदारी का निर्माण करना है।’’

उन्होंने कहा कि भारत न केवल अपने लिए, बल्कि दुनिया के लिए भी समाधान विकसित करने की विशिष्ट स्थिति में है, खासकर उन देशों के लिए जो किफायती और बड़े पैमाने पर लागू होने वाले नवाचारों की तलाश में हैं।

मंत्री ने कहा कि ऐसे मंच विचारों, प्रतिभा और संसाधनों के समन्वय को संभव बनाते हैं, जिससे नवाचार की गति तेज होती है।

प्रधान ने जोर दिया कि वास्तविक प्रभाव पैदा करने के लिए नवाचार को प्रयोगशालाओं से बाजार तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘भारत इनोवेट्स’ में प्रदर्शित नवाचार तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र में, विशेषकर ‘ग्लोबल साउथ’ के संदर्भ में, भारत की वैश्विक नेतृत्व यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल दुनिया के कम संपन्न या आर्थिक रूप से कमजोर देशों के संदर्भ में किया जाता है।

‘प्री-समिट’ के इतर आयोजित कार्यक्रम में लगभग 175 निवेशकों और उद्योग जगत की हस्तियों ने भाग लिया, जिसमें शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में एक गोलमेज बैठक हुई।

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल


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