मानेसर और नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन पर भारतीय मजदूर संघ ने जताई चिंता
मानेसर और नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन पर भारतीय मजदूर संघ ने जताई चिंता
नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने हरियाणा के मानेसर और उत्तर प्रदेश के नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हुए श्रमिकों के हिंसक आंदोलन पर मंगलवार को चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की, जिसमें निष्पक्ष वेतन सुनिश्चित करना भी शामिल है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध संगठन ने कहा कि मौजूदा अशांति श्रमिकों की वास्तविक चिंताओं को दर्शाती है, लेकिन उसने स्थिति को भड़काने वाली “गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाइयों” की निंदा भी की।
बीएमएस के महासचिव सुरेंद्र कुमार पांडेय ने एक बयान में कहा, “यह स्वीकार करना भी उतना ही जरूरी है कि मौजूदा अशांति श्रमिकों की वास्तविक चिंताओं को दर्शाती है। समान औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन असमानता, बढ़ती महंगाई, अत्यधिक संविदाकरण (ठेका प्रथा) और प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र की कमी जैसे मुद्दों ने इस असंतोष को जन्म दिया है।”
उन्होंने कहा, “जब इन चिंताओं को नजरअंदाज किया जाता है या उनमें देरी होती है, तो वे अंततः अशांति के रूप में सामने आती हैं।”
पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी तत्वों और बाहरी लोगों ने श्रमिकों को गुमराह कर स्थिति को भड़काने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा, “ऐसी गतिविधियां अनुशासित ट्रेड यूनियनवाद की भावना के खिलाफ हैं और इन्हें उचित नहीं ठहराया जा सकता।”
बीएमएस ने कहा कि श्रमिकों की जायज मांगों को विघटनकारी ताकतों द्वारा हथियाया नहीं जाना चाहिए।
बयान में कहा गया, “हिंसा, संपत्ति को नुकसान और औद्योगिक अनुशासन का टूटना अंततः श्रमिकों के हितों को ही नुकसान पहुंचाता है और श्रम न्याय के उद्देश्य को कमजोर करता है।”
बीएमएस ने उद्योग जगत से तत्काल सुधारात्मक उपाय करने का भी आह्वान किया, जिसमें उचित वेतन प्रणाली को सुनिश्चित करना और संविदा श्रमिकों पर अनुचित निर्भरता को कम करना शामिल है।
भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश
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