सांख्यिकी संस्थान को वैधानिक ढांचा प्रदान करने वाला विधेयक लोकसभा में पेश

सांख्यिकी संस्थान को वैधानिक ढांचा प्रदान करने वाला विधेयक लोकसभा में पेश

सांख्यिकी संस्थान को वैधानिक ढांचा प्रदान करने वाला विधेयक लोकसभा में पेश
Modified Date: August 3, 2026 / 12:54 pm IST
Published Date: August 3, 2026 12:54 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) सरकार ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान को वैधानिक ढांचा प्रदान करने के प्रावधान वाला एक विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया।

केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ‘भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026’ पेश किया।

विपक्षी सदस्य अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।

इस विधेयक में भारतीय सांख्यिकी संस्थान को नया वैधानिक ढांचा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

यह विधेयक वर्ष 1959 के पुराने अधिनियम का स्थान लेगा ताकि आधुनिक शैक्षणिक और शोध जरूरतों को पूरा किया जा सके।

इसके तहत संस्थान को एक ‘कॉरपोरेट निकाय’ के रूप में स्थापित करने और उसके प्रशासनिक एवं अकादमिक ढांचे को मजबूत करने का प्रावधान है।

विधेयक में कहा गया है कि भारत के राष्ट्रपति संस्थान के विजिटर होंगे और इसमें एक ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’ के लिए प्रावधान है, जो इसका प्रमुख नीतिगत कार्यकारी निकाय होगा।

पिछले बजट सत्र के दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने संसद को सूचित किया था कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 में भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) को एक निगमित निकाय के रूप में शामिल करने और इसके प्रभावी संचालन के लिए एक ढांचा प्रदान किया गया है।

भाषा हक हक वैभव

वैभव


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