First Sawan Somwar 2026: हर-हर महादेव से गूंजा देश, सावन के पहले सोमवार पर बाबा महाकाल से काशी विश्वनाथ तक उमड़ी भारी भीड़, श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

First Sawan Somwar 2026: हर-हर महादेव से गूंजा देश, सावन के पहले सोमवार पर बाबा महाकाल से काशी विश्वनाथ तक उमड़ी भारी भीड़, श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

First Sawan Somwar 2026: हर-हर महादेव से गूंजा देश, सावन के पहले सोमवार पर बाबा महाकाल से काशी विश्वनाथ तक उमड़ी भारी भीड़, श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

First Sawan Somwar 2026 | Photo Credit: AI

Modified Date: August 3, 2026 / 08:14 am IST
Published Date: August 3, 2026 7:40 am IST
HIGHLIGHTS
  • महाकाल मंदिर में भस्म आरती
  • काशी विश्वनाथ धाम सजाया गया
  • सोमनाथ से गोरखपुर तक आस्था

नई दिल्ली: First Sawan Somwar 2026 30 जुलाई से सावन का पवित्र महीना (Sawan Somwar 2026) शुरू हो चुका है और आज सावन का पहला सोमवार (First Sawan Somwar) है। सावन के इस अवसर पर देशभर के शिवालयों में शिवभक्ति की गूंज सुनाई दे रही है। सुबह से ही भक्त मंदिर पहुंचकर शिवजी को जल चढ़ा रहे हैं। गुजरात में अरब सागर की लहरों के बीच स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ से लेकर मोक्षदायिनी नगरी काशी के काशी विश्वनाथ मंदिर तक हर तरफ आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा है।

बाबा महाकाल की नगरी में उमड़ी ​भीड़

First Sawan Somwar 2026 मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल मंदिर में आज सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिली है। सोमवार के पहले दिन भोलनाथ का विशेष ​श्रृंगार किया गया और सुबह की भस्म आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु देर रात से ही लंबी लाइनों में लगे हुए और भगवान भोलेनाथ की आरती में शामिल हुए। मान्यता है कि आज के दिन भगवान भोलनाथ पर जल चढ़ाने से सारी मनोकमनाए पूर्ण होती है।

काशी विश्वनाथ मंदिर में आस्था का जन शैलाब

वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में भी श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। फूल अर्पित कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और सावन के पहले सोमवार पर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं। सावन के अवसर पर श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान विश्वेश्वर की मंगला आरती में शामिल हो रहे हैं।

भव्य श्रृंगार और अनूठी परंपराएं

वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम को इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया है, जहां बाबा का ‘श्री शंकर स्वरूप’ श्रृंगार किया गया और श्रद्धालुओं-कांवड़ियों का स्वागत पुष्प वर्षा से किया जाएगा। गोरखपुर में पर्यटन विकास योजनाओं के तहत मानसरोवर, मुक्तेश्वरनाथ, मुंजेश्वरनाथ, पितेश्वरनाथ और मोटेश्वर महादेव जैसे शहर और गांव, दोनों के शिवालयों का कायाकल्प हुआ है।

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