बिरला ने दो बजे से लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू होने का दिया संकेत, तब तक बैठक स्थगित
बिरला ने दो बजे से लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू होने का दिया संकेत, तब तक बैठक स्थगित
( तस्वीरों सहित )
नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर पिछले सप्ताह दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के संबंध में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा की बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दो बजे से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू होने का संकेत देते हुए कहा कि सत्तापक्ष और विपक्ष ने इस पर सहमति व्यक्त की है।
परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला यह विधेयक सोमवार को सदन में पेश किया गया था, लेकिन गतिरोध के कारण इस पर कल चर्चा शुरू नहीं हो सकी थी।
आज सदन की बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख किया।
इसके बाद जब उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा तो कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल गृह मंत्री अमित शाह के बयान का मुद्दा उठाते सुने गए। विपक्ष के कुछ सदस्य इस दौरान ‘गृह मंत्री जवाब दो’ के नारे लगा रहे थे।
अध्यक्ष बिरला ने कहा, ‘‘मैं एक बार फिर आपसे अनुरोध कर रहा हूं। कितना भी गतिरोध हो, कितना भी बड़ा मुद्दा हो… लेकिन मेरा आग्रह है कि प्रश्नकाल में गतिरोध नहीं होना चाहिए। आप प्रश्नकाल के बाद 12 बजे गतिरोध पैदा करें।’’
उन्होंने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी को इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा करनी चाहिए और अपने मत एवं विचार रखने चाहिए।
बिरला ने कहा, ‘‘मेरा सरकार से भी और विपक्ष से भी आग्रह है कि सभी सहमति बनाएं। आज हम दो बजे इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करेंगे, ऐसा सभी लोगों ने सहमति व्यक्त की है।’’
उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष मिलकर तय कर लेंगे कि चर्चा कितनी देर तक चलेगी।
इसके बाद हंगामे के बीच अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ और नीट प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण अब तक एक भी दिन सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए हैं।
भाषा वैभव मनीषा
मनीषा

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