बीजद की ओडिशा सरकार से महानदी जल उपलब्धता के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
बीजद की ओडिशा सरकार से महानदी जल उपलब्धता के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
भुवनेश्वर, 22 मई (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) ने शुक्रवार को ओडिशा सरकार से महानदी में जल उपलब्धता से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
वहीं, महानदी बचाओ आंदोलन (एमबीए) के कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मिलने की कोशिश के दौरान हिरासत में ले लिया गया।
यह मांग महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण में महानदी जल बंटवारा विवाद की सुनवाई के बीच उठाई गई है। इस न्यायाधिकरण का गठन 2018 में किया गया था।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में नदी संरक्षण के लिए आंदोलनरत एमबीए ने कहा, ‘‘दो मई को न्यायाधिकरण में हुई सुनवाई के दौरान महानदी बेसिन में जल उपलब्धता और भंडारण से जुड़े जो आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं, उन्हें लेकर हमें आपके तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है।’’
एमबीए के संयोजक सुदर्शन दास ने आरोप लगाया कि संयुक्त तकनीकी समिति (जेटीसी) द्वारा हाल में प्रस्तुत किए गए आंकड़े भ्रामक और ओडिशा के पहले के रुख से मेल नहीं खाते हैं।
उन्होंने दावा किया कि ये आंकड़े न्यायाधिकरण के समक्ष ओडिशा की कानूनी स्थिति, पर्यावरणीय हितों और जल अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दास समेत एमबीए के कुछ कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करते समय ज्ञापन सौंपने के प्रयास में पुलिस ने हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
केंद्र सरकार ने 2018 में यह न्यायाधिकरण गठित किया था, जब ओडिशा ने आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ ऊपरी हिस्से में बैराज और तटबंध बनाकर महानदी के मुक्त प्रवाह में बाधा डाल रहा है।
बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि न्यायाधिकरण के गठन के करीब आठ साल बाद भी मामला लंबित है और अब तक कोई फैसला नहीं आया है।
मोहंती ने राज्य सरकार से सवाल किया कि जल उपलब्धता के आंकड़े सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा सकते।
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को यह जानने का अधिकार है कि ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार न्यायाधिकरण में क्या रुख अपना रही है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तथ्यों को छिपाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
बीजद ने एक बयान में आरोप लगाया कि ओडिशा की भाजपा सरकार के पास इस विवाद को सुलझाने के लिए कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है।
इस बीच, ओडिशा के महाधिवक्ता पितांबर आचार्य ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के बीच बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकल जाएगा।
भाषा गोला नेत्रपाल
नेत्रपाल

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