रास चुनाव में दो भाजपा विधायकों के मतों को खारिज करने व होता को विजेता घोषित करने की बीजद की मांग

रास चुनाव में दो भाजपा विधायकों के मतों को खारिज करने व होता को विजेता घोषित करने की बीजद की मांग

रास चुनाव में दो भाजपा विधायकों के मतों को खारिज करने व होता को विजेता घोषित करने की बीजद की मांग
Modified Date: May 11, 2026 / 06:53 pm IST
Published Date: May 11, 2026 6:53 pm IST

भुवनेश्वर, 11 मई (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) ने सोमवार को ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के दो विधायकों द्वारा डाले गए दो ‘अवैध’ मतों को खारिज करने और राज्य से चौथी सीट पर संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को विजेता घोषित करने का आग्रह किया।

बीजद ने यह मांग तब रखी जब ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के उपनेता प्रसन्ना आचार्य के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर एस गोपालन से मुलाकात की।

पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उसने अपने दावे का औचित्य बताया।

इससे पहले, निर्वाचन आयोग ने बीजद को ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया था।

बीजद ने अपने ज्ञापन में दावा किया कि मतदान के दौरान भाजपा के दो विधायकों – उपासना मोहपात्रा (ब्रह्मगिरि) और पूर्ण चंद्र सेठी (खल्लीकोट) को दूसरा मतपत्र दिया गया, जो मौजूदा नियमों का उल्लंघन है।

इन दोनों विधायकों ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान किया था, जिन्होंने अंततः राज्य से राज्यसभा की चौथी सीट जीती। हालांकि राय और होता दोनों को 23 प्रथम तरजीही वोट मिले थे, लेकिन प्रथम तरजीही मतों की संख्या 23 होने के कारण राय को द्वितीय तरजीही मतों के आधार पर विजेता घोषित किया गया।

बीजद ने इस बात की शिकायत की कि दोनों भाजपा विधायकों को मौजूदा नियमों के विरुद्ध दूसरा मतपत्र दिया गया और उनके मतों को वैध माना गया, जिसके परिणामस्वरूप राय की जीत हुई।

बीजद ने कहा कि भाजपा के दो विधायकों के मतों को खारिज करने के बाद, दिलीप राय प्रथम तरजीही मतों में संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार दत्तेश्वर होता से पीछे रह गए हैं।

बीजद ने अपने ज्ञापन में कहा, ‘इसलिए, हम मांग करते हैं कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दत्तेश्वर होता को निर्वाचित घोषित किया जाए।’

बीजद ने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान भाजपा के दो विधायकों को दूसरा मतपत्र जारी करना ‘अवैध’ था।

बीजद ने कहा, ‘यह मामला केवल प्रक्रियात्मक अनियमितता का नहीं है। यह ऐसा मामला है जहां चुनाव ढांचे के अंतर्गत उपलब्ध सभी अधिकृत प्रतिभागियों – मतदान एजेंट, चुनाव एजेंट, अधिकृत पार्टी एजेंट, मतगणना एजेंट, उम्मीदवारों और संसदीय प्रतिनिधियों – द्वारा एक ही समय में वैधानिक आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, फिर भी बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई संतोषजनक वैधानिक स्पष्टीकरण या कार्रवाई नहीं की गई है।’

बीजद ने यह भी कहा कि चुनाव रिकॉर्ड में मौजूद संबंधित दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक, फोटोग्राफिक, ऑडियो और वीडियो साक्ष्यों के माध्यम से इस मामले का वस्तुनिष्ठ सत्यापन संभव है।

उसने कहा, ‘इसलिए, यह मुद्दा राजनीति से संबंधित नहीं है, बल्कि संवैधानिक रूप से विनियमित चुनाव प्रक्रिया के भीतर वैधानिक अनुपालन की संस्थागत जांच से संबंधित है।’

बीजद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से 16 मार्च, 2026 को मतदान के दिन की गई शिकायतों और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक द्वारा 18 मार्च, 2026 को भेजे गए ईमेल पर की गई पूरी कार्रवाई का खुलासा करने का भी आग्रह किया।

पार्टी ने निर्वाचन आयोग से कानून के अनुसार सभी आवश्यक वैधानिक और कानूनी कार्रवाई करने का भी आग्रह किया।

भाषा

राखी अविनाश

अविनाश


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