भाजपा ने ममता बनर्जी पर ‘भय फैलाने’ का आरोप लगाया

भाजपा ने ममता बनर्जी पर 'भय फैलाने' का आरोप लगाया

भाजपा ने ममता बनर्जी पर ‘भय फैलाने’ का आरोप लगाया
Modified Date: April 7, 2026 / 05:19 pm IST
Published Date: April 7, 2026 5:19 pm IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मतदाताओं में ‘‘भय उत्पन्न करने’’ का मंगलवार को आरोप लगाया और कहा कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में बाधा डाल रही है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बनर्जी के इस दावे का खंडन किया कि मतदाताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात किया जा रहा है और कहा कि ये टिप्पणियां आसन्न चुनावी हार की ‘हताशा’ दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि उन्हें निश्चित और करारी हार का सामना करना पड़ रहा है। ममता जी, आप अब हताशा में हैं। जब कोई नेता हताश हो जाता है, तो वह कुछ भी कहने लगता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस दावे की कड़ी निंदा करता हूं कि सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) लोगों को पीटने आ रही है। ममता जी, सीआरपीएफ किसी को पीटने नहीं आ रही है। वे यह सुनिश्चित करने आ रहे हैं कि वैसे निर्दोष मतदाता, जिन्हें आपके कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा के माध्यम से मतदान करने से रोका जाता है, अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सकें।’’

उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने और राज्य में व्याप्त ‘‘भय और धमकियों के माहौल’’ को समाप्त करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की जा रही है।

प्रसाद ने कहा, ‘‘शांतिपूर्ण चुनाव देश के हित में और संविधान के अनुरूप है। केंद्रीय बल यह सुनिश्चित करने के लिए तैनात हैं कि मतदाताओं को अपना वोट डालने से रोका ना जाए।’’

मुख्यमंत्री बनर्जी ने सोमवार को कथित तौर पर दावा किया था कि उत्तर प्रदेश से सीआरपीएफ कर्मियों को 200 वाहनों में पश्चिम बंगाल लाया जा रहा है, जिसका निर्वाचन आयोग ने यह कहते हुए खंडन किया, ‘केंद्रीय बलों की सभी तैनाती स्थापित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।’

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने 31 मार्च को कालियाचक में न्यायिक अधिकारियों के घेराव का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘अब, अगर निर्वाचन आयोग निष्पक्ष और ईमानदार चुनाव सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है, तो आप उन्हें धमका रही हैं। और क्या कहा जा सकता है? अगर आपके लोग न्यायिक अधिकारियों (जिनमें महिला न्यायिक अधिकारी भी शामिल हैं) को घंटों तक धमका सकते हैं, तो और क्या कहने की जरूरत है?’’

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं का विपक्षी समर्थकों को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने का पुराना इतिहास रहा है।

उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि आपके राज्य में, आपकी पार्टी के कार्यकर्ता स्थानीय निकाय चुनाव में लोगों को नामांकन दाखिल करने तक नहीं देते। वे उनके कागजात फाड़ देते हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कोलकाता में, लोगों को वोट डालने नहीं दिया जाता – क्या यह सच नहीं है? आपके तृणमूल कांग्रेस समर्थित समूह वहां खड़े होकर मतदाता पर्चियां छीन लेते हैं और लोगों को वोट डालने से रोकते हैं।’’

हिंसा की घटनाओं का हवाला देते हुए प्रसाद ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा, “हमने ऐसे मामले देखे हैं जहां उम्मीदवारों और उनके परिवारों पर हमले किए गए। यह तृणमूल शासन के तहत जमीनी हकीकत को दर्शाता है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है और इसके बजाय इसे “प्रोत्साहित” किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी क्योंकि राज्य सरकार ने इसे रोक दिया। उनकी पुलिस घुसपैठियों को प्रोत्साहित करती है और दूसरों को काम नहीं करने देती।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर उनके खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘अब चूंकि सख्त कार्रवाई की जा रही है, इसलिए कई घुसपैठिये खुद ही जा रहे हैं तथा भाजपा सरकार आने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’

भाजपा नेता ने बनर्जी के इस आरोप का भी उल्लेख किया कि मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं और कहा कि विपक्ष जनता को गुमराह करने के लिए ‘बेबुनियाद दावे’ कर रहा है।

भाषा अमित सुरेश

सुरेश


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