तृणमूल कांग्रेस के दावों का खंडन करने के लिए भाजपा उम्मीदवार ने मछली लेकर प्रचार किया

तृणमूल कांग्रेस के दावों का खंडन करने के लिए भाजपा उम्मीदवार ने मछली लेकर प्रचार किया

तृणमूल कांग्रेस के दावों का खंडन करने के लिए भाजपा उम्मीदवार ने मछली लेकर प्रचार किया
Modified Date: March 22, 2026 / 09:16 pm IST
Published Date: March 22, 2026 9:16 pm IST

कोलकाता, 22 मार्च (भाषा) भाजपा के एक उम्मीदवार ने रविवार को मछली साथ में लेकर अपना प्रचार किया, जो बंगाली आहार का एक नियमित हिस्सा है। उनका मकसद राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के इस दावे का खंडन करना था कि पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने पर भाजपा मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगा देगी।

बिधाननगर सीट से उम्मीदवार डॉ. शरदवत मुखोपाध्याय का अनोखा प्रचार अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वह बिधाननगर में मतदाताओं से बातचीत के दौरान एक बड़ी ‘कतला’ मछली लिए दिखे।

मुखोपाध्याय ने तृणमूल कांग्रेस के दावे को दुष्प्रचार कहकर खारिज किया।

उन्होंने कहा, “हमारे खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है। हम अपनी पसंद के अनुसार मछली, मटन और चिकन खाएंगे। मैं आज यह मछली लेकर आया हूँ, जो बंगाली शादी के दिन दुल्हन के घर से दूल्हे के घर उपहार के रूप में भेजी जाती है।”

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई तृणमूल नेता लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि भाजपा सत्ता में आने पर बंगाल की आहार संस्कृति में दखलंदाजी करने का इरादा रखती है। वे बिहार और गुजरात जैसे राजग शासित कुछ राज्यों में, विशेष रूप से कुछ त्योहारों के दौरान, मछली और मांस की बिक्री को लेकर गई कार्रवाई का हवाला देते हैं।

हालांकि, भाजपा ने इस तरह के किसी भी इरादे से इनकार किया है। प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार समेत पार्टी के नेताओं ने जोर देकर कहा है कि मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है और लोगों के खान-पान विकल्पों में कोई दखल नहीं दिया जाएगा।

भाषा

नेत्रपाल नरेश

नरेश


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