प्रधानमंत्री की अपील की आलोचना पर भाजपा का विपक्ष को करारा जवाब
प्रधानमंत्री की अपील की आलोचना पर भाजपा का विपक्ष को करारा जवाब
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बचत की अपील की आलोचना कर रही विपक्षी पार्टियों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को पलटवार करते हुए उन पर दहशत फैलाने और नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया।
सत्तारूढ़ पार्टी ने यह पलटवार ऐसे समय में किया है जब राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल समेत विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री की टिप्पणियों की निंदा करते हुए उन्हें ‘‘असफलता का प्रमाण’’ बताया।
यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हित में अपील की है और सभी राजनीतिक दलों को इसका समर्थन करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ एक अपील थी, कोई कानून या निर्देश नहीं। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अनावश्यक विदेश यात्रा से बचने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और अनावश्यक खर्चों में कटौती करने की अपील की। भला ऐसे कदमों का विरोध कैसे किया जा सकता है?’’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाटिया ने कहा, ‘‘जो लोग सोने का चम्मच लेकर जन्मे हैं, उन्हें स्वाभाविक रूप से बुरा लगेगा जब देश के लोग प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करेंगे।’’
उन्होंने ‘‘शीश महल’’ विवाद से जुड़े आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और उसके प्रमुख केजरीवाल पर भी हमला किया।
भाटिया ने कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल इस अपील का विरोध कर रहे हैं। वही व्यक्ति जिसका ‘शीश महल’ विलासिता का प्रतीक बन गया और जिसके शौचालय में ‘गोल्ड पॉट’ लगाया गया था, उसे निश्चित रूप से बुरा लगेगा।’’
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आप समेत विपक्षी दल सरकार के परामर्श उपायों को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाटिया ने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी ने भी पहले इसी तरह की अपील की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहली बार नहीं है कि ऐसी अपील की गई है। प्रधानमंत्री ने दूरदर्शिता दिखाते हुए राष्ट्रीय हित में नागरिकों से अपील की है।’’
भाटिया ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल के दौरान की आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बयानों का हवाला दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘संप्रग सरकार के दौरान महंगाई दर 10 से 11 प्रतिशत तक रहती थी। आज हमारी अर्थव्यवस्था ऐसी महंगाई के दबाव से जूझ नहीं रही है।’’
ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर मनमोहन सिंह की टिप्पणी का जिक्र करते हुए भाटिया ने कहा, ‘‘सितंबर 2012 में जब उनसे पूछा गया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्यों बढ़ाई जा रही हैं, तो उन्होंने कहा था कि पैसा पेड़ों पर नहीं उगता।’’
उन्होंने चिदंबरम के जून 2013 के एक बयान का भी हवाला देते हुए कहा, ‘‘पी चिदंबरम ने उस समय भी लोगों को सोना नहीं खरीदने की सलाह दी थी, जबकि उस समय युद्ध जैसी कोई स्थिति नहीं थी।’’
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार के दौरान भारत को ‘‘कमजोर पांच’’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
भाषा सुरभि संतोष
संतोष

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