असम की भाजपा सरकार जनता को धोखा दे रही है, चुनावी वादे पूरे नहीं किए गए : पवन खेड़ा

असम की भाजपा सरकार जनता को धोखा दे रही है, चुनावी वादे पूरे नहीं किए गए : पवन खेड़ा

असम की भाजपा सरकार जनता को धोखा दे रही है, चुनावी वादे पूरे नहीं किए गए : पवन खेड़ा
Modified Date: April 1, 2026 / 05:53 pm IST
Published Date: April 1, 2026 5:53 pm IST

गुवाहाटी, एक अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को असम में भाजपा सरकार पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी वादे एक दशक से अधिक समय से पूरे नहीं हुए हैं।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के परिवारों की संपत्ति कई गुना बढ़ गई हैं।

खेड़ा ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी धर्म, भाषा, भोजन और कपड़ों के नाम पर लोगों का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए हर तरह की हथकंडे अपनाती है।

भाजपा प्रशासन पर हमला करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के प्रमुख ने लोकप्रिय हिंदी फिल्म ‘बंटी और बबली’ का जिक्र किया, जो दो काल्पनिक ठगों की कहानी पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा, “राज्य में ‘बंटी और बबली’ सरकार चल रही है। इस फिल्म का पहला भाग अभी राज्य में चल रहा है, और जनता को मतदान करके इसके दूसरे भाग की रिलीज को रोकना होगा।”

यह फिल्म पहली बार 2005 में रिलीज हुई थी, और इसका सीक्वल 2021 में सिनेमाघरों में आया।

सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए खेड़ा ने कहा, “चुनावी शपथपत्र में दी गई जानकारी के आधार पर हमने भाजपा के मंत्रियों और विधायकों की संपत्ति में वृद्धि का एक पैटर्न देखा है। यह पाया गया है कि जहां मंत्री या विधायक की संपत्ति या तो स्थिर रही या फिर कम हो गई, वहीं उनकी पत्नियों की संपत्ति कई गुना बढ़ गई।”

खेड़ा ने दावा किया कि कैबिनेट मंत्री कौशिक राय की पत्नी की संपत्ति में 2,281 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि विधायक दिगंत कलिता की पत्नी की संपत्ति में 3,185 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

कांग्रेस नेता के अनुसार, इसी प्रकार मानव डेका और भास्कर शर्मा की पत्नियों की संपत्ति में क्रमशः 763 प्रतिशत और 504 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के लिए काम करने में विफल रही और पिछले 10 वर्षों में जब उसने राज्य पर शासन किया, तब उसने जनता से किए गए अपने आश्वासनों को पूरा नहीं किया।

खेड़ा ने पिछले एक दशक में भाजपा सरकार के “सात झूठ” गिनाए और कहा कि “ऐसे अनगिनत झूठ” और हैं।

उन्होंने कहा, “2016 से लेकर अब तक के हर घोषणापत्र में भाजपा ने राज्य की छह जनजातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का वादा किया था। पार्टी न केवल यह वादा पूरा करने में असमर्थ रही, बल्कि इस साल के घोषणापत्र से उसने इस आश्वासन को पूरी तरह से हटा दिया।”

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश


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