भाजपा को छात्रों के भविष्य की नहीं, सिर्फ वैचारिक एजेंडे की चिंता : झारखंड कांग्रेस
भाजपा को छात्रों के भविष्य की नहीं, सिर्फ वैचारिक एजेंडे की चिंता : झारखंड कांग्रेस
रांची, 19 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की झारखंड इकाई ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार को छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। उसने दावा किया कि सरकार का सारा ध्यान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और अपनी विचारधारा से जुड़े लोगों को अहम पदों पर नियुक्त करने पर है।
झारखंड में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने रांची में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “देश के युवाओं और छात्रों का गुस्सा चरम पर पहुंच चुका है। इस भ्रष्ट और त्रुटिपूर्ण व्यवस्था से परेशान युवा सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया, “हर साल करोड़ों छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन यह भ्रष्ट व्यवस्था उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर देती है। भाजपा सरकार को छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। उसकी प्राथमिकता सिर्फ एनटीए जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में आरएसएस और अपनी विचारधारा से जुड़े लोगों को अहम पदों पर बैठाना है।”
यादव ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि 2014 से लेकर अब तक देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के 152 प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं।
कथित नीट प्रश्नपत्र लीक मामले का जिक्र करते हुए यादव ने दावा किया कि देशभर में दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने न तो इन अभ्यर्थियों के परिजन से मुलाकात की और न ही उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।
यादव ने कहा, “यही नहीं, आज तक किसी भी प्रमुख अपराधी को सजा नहीं मिली है और न ही सरकार ने किसी की जवाबदेही तय की है।”
भाजपा सरकार पर “सत्ता के नशे में चूर” होने का आरोप लगाते हुए यादव ने कहा कि केंद्र न तो इन परिवारों के दर्द को समझ रहा है और न ही युवाओं के आक्रोश की आवाज सुन रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विद्यार्थियों की चिंताओं को रेखांकित करने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया है।
यादव ने कहा, “हमारे नेता राहुल गांधी ने छात्रों के दर्द को समझा है और उनकी आवाज को मजबूती से उठा रहे हैं। उत्तराखंड और राजस्थान की सरकारों ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को रोकने और आयोजन स्थलों पर कार्यक्रम की अनुमति न देने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन युवाओं को राहुल पर अटूट विश्वास है।”
उन्होंने कहा कि राहुल ने स्पष्ट कर दिया है कि इस अभियान का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ लड़ना तथा छात्र आंदोलन को मजबूत करना है।
अभियान के समन्वयक कुमार राजा ने कहा कि 40 दिन की अवधि में 28 शहरों में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें छात्रों के साथ संवाद, मैराथन दौड़, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रेस वार्ता जैसे आयोजन शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत छात्रों की चिंताओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए मशाल जुलूस भी निकाले जा रहे हैं।
भाषा पारुल दिलीप
दिलीप

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