भाजपा, जद (एस) ने वीबी-जी राम जी योजना पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का स्वागत किया

भाजपा, जद (एस) ने वीबी-जी राम जी योजना पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का स्वागत किया

भाजपा, जद (एस) ने वीबी-जी राम जी योजना पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का स्वागत किया
Modified Date: January 10, 2026 / 08:24 pm IST
Published Date: January 10, 2026 8:24 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

बेंगलुरु, 10 जनवरी (भाषा) कर्नाटक में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी और इसके सहयोगी जद (एस) ने केंद्र द्वारा मनरेगा के स्थान पर लाए गए ‘वीबी-जी राम जी’ कानून पर चर्चा के लिए विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाए जाने के राज्य की कांग्रेस सरकार के फैसले का शनिवार को स्वागत किया।

केंद्रीय मंत्री और जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के दूसरे सबसे बड़े नेता एच डी कुमारस्वामी और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि कांग्रेस विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी-राम जी) अधिनियम के बारे में ‘‘भ्रामक सूचना फैला रही है’’।

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विजयेंद्र ने कहा, ‘‘कांग्रेस सरकार वीबी-जी-राम जी के बारे में झूठा विमर्श प्रसारित कर रही है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया इस पर विशेष सत्र बुलाना चाहते हैं, और हम इस फैसले का स्वागत करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम सदन में इस बात पर चर्चा करेंगे कि पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन के दौरान कांग्रेस ने मनरेगा के माध्यम से देश के लिए क्या किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने पिछले 11 वर्षों में क्या किया है।’’

विजयेंद्र ने कहा कि जब कार्य दिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 120 दिन कर दी गई है, तो व्यवस्था में जवाबदेही होनी चाहिए और धन की बर्बादी नहीं होनी चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल किया, ‘‘जब मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, तो क्या प्रधानमंत्री, भाजपा या राजग सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जाना गलत है कि धन की हेराफेरी या बर्बादी न हो?’’

उन्होंने दावा किया कि राजग सरकार के कार्यकाल में मनेगा पर सात लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।

विजयेंद्र ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण महात्मा गांधी के दृष्टिकोण से मेल खाता है और वह भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में उभरते हुए देखना चाहते हैं, जहां गांवों में अच्छी अवसंरचना और समग्र विकास हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस योजनाओं में कभी विश्वास नहीं करती बल्कि घोटालों में विश्वास करती है और ऐसे घोटालों के कारण ही भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में उभर नहीं सका।

शिकारीपुरा से विधायक विजयेंद्र ने कहा ‘‘प्रधानमंत्री ग्रामीण लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए योजना में बदलाव लाना चाहते हैं। जब वह जवाबदेही और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।’’

कुमारस्वामी ने कहा कि केंद्र ने ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और बुनियादी ढांचे में सुधार लाने के लिए मनरेगा में बदलाव किया है। उन्होंने विपक्ष की आलोचना को ‘‘सुधार-प्रेरित कल्याणकारी मिशन के खिलाफ दुष्प्रचार’’ करार देते हुए उसे खारिज किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, दक्षता और दीर्घकालिक प्रभाव लाने के लिए मनरेगा के स्थान पर ‘वीबी-जी राम जी’ लाया गया है। उन्होंने कहा कि कल्याण और अवसंरचना विकास को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि दोनों एक-दूसरे के पूरक और अपरिहार्य हैं।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) प्रौद्योगिकी, जीपीएस ट्रैकिंग और वास्तविक समय में कार्य के माध्यम से भ्रष्टाचार और डेटा लीक पर रोक लगाई जा रही है, और विशेष जॉब कार्ड में अकेली महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांग व्यक्तियों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और कमजोर आदिवासी समूहों को शामिल किया जाएगा।

इस बीच, मनरेगा पर कुमारस्वामी और विजयेंद्र के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धरमैया ने कहा कि राज्य सरकार चर्चा के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम बहस के लिए तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन भी शुरू कर सकते हैं।’’

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को कहा कि मनरेगा को फिर से लागू करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित करने के लिए जल्द ही राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से हाल में अधिसूचित वीबी-जी-राम जी अधिनियम को रद्द करने और मनरेगा को बहाल करने की मांग की है।

राज्य मंत्रिमंडल ने मनरेगा के स्थान पर लागू वीबी-जी-रामजी अधिनियम को स्वीकार न करने का निर्णय लिया और इस कानून को चुनौती देने का संकल्प लिया।

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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