आरएसएस को लेकर भाजपा सांसद और कर्नाटक के गृह मंत्री आमने-सामने

आरएसएस को लेकर भाजपा सांसद और कर्नाटक के गृह मंत्री आमने-सामने

आरएसएस को लेकर भाजपा सांसद और कर्नाटक के गृह मंत्री आमने-सामने
Modified Date: June 18, 2026 / 09:42 pm IST
Published Date: June 18, 2026 9:42 pm IST

बेंगलुरु, 18 जून (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संबंधित बयान को लेकर भाजपा सांसद रमेश जिगजिनगी पर पलटवार करते हुए कहा कि वह आंबेडकर के अनुयायी हैं, इसलिए किसी से डरते नहीं हैं।

खरगे द्वारा आरएसएस के कामकाज के बारे में विवरण मांगे जाने पर आपत्ति जताते हुए जिगजिनगी ने बुधवार को सवाल किया था कि एक दलित व्यक्ति (खरगे) को आरएसएस के कामकाज की चिंता क्यों है?

सांसद ने कहा कि प्रियंक खरगे को मंत्री इसलिए बनाया गया क्योंकि उनके पिता व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के लिए मेहनत की।

इसके जवाब में प्रियंक खरगे ने कहा कि जिगजिनगी का सवाल कई पहलुओं से जांचे जाने की जरूरत है।

मंत्री ने सवाल किया कि क्या यह खुद दलित समुदाय से संबंध रखने वाले जिगजिनगी को “आंतरिक वर्ग” में जगह न मिलने के कारण उनका “हताशा से भरा बयान” है या कोई चेतावनी है।

उन्होंने कहा, “रमेश जिगजिनगी ने यह चेतावनी भी दी है कि ‘जिसने भी आरएसएस को चुनौती दी है, वह बचा नहीं है।’

खरगे ने साल किया, “क्या यह उन्होंने आरएसएस के डर से कहा है या मुझे डराने के लिए? इस धमकी के पीछे क्या कारण हैं? उनका मतलब क्या है जब वे कहते हैं ‘कोई नहीं बचा’? क्या आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है? क्या यह उन लोगों को खत्म कर देता है जो उस पर सवाल उठाते हैं?”

उन्होंने कहा कि वह भारतीय संविधान के निर्माता के अनुयायी होने के नाते किसी से भी टकराने का साहस रखते हैं।

खरगे ने कहा, “मैं बाबासाहेब की विचारधारा का अनुयायी हूं। सवाल करने का साहस और मेरी बौद्धिक दृढ़ता मुझे उनसे मिलती है। जो लोग बाबासाहेब में विश्वास रखते हैं, वे डरते नहीं हैं।”

खरगे ने सोमवार को आरएसएस से पंजीकरण कराने, अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करने, धन के स्रोत, आय, व्यय और संपत्तियों का खुलासा करने के लिए कहा था।

उन्होंने कहा था कि आरएसएस को पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही का पालन करना चाहिए।

मंत्री ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर संगठन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी।

इसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा सांसद रमेश जिगजिनगी ने बुधवार को सवाल किया था कि एक दलित व्यक्ति को आरएसएस के कामकाज की इतनी चिंता करने की क्या जरूरत है।

विजयपुरा में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिगाजिनागी ने आरोप लगाया कि प्रियंक खरगे को यह समझ नहीं है कि गृह मंत्री को क्या पूछना चाहिए।

उन्होंने कहा, “क्या उनका काम आरएसएस के बारे में ऐसे सवाल पूछना है? उन्हें (आरएसएस के बारे में) केवल जनता बताएगी। जो भी आरएसएस के रास्ते में आया, वह टिक नहीं सका। वह अनावश्यक रूप से आरएसएस से जुड़ा मुद्दा उठा रहे हैं। हमें इस पर दुख होता है।

उन्होंने कहा, “मेरा सवाल है – इस दलित व्यक्ति को आरएसएस की चिंता क्यों करनी चाहिए?”

सांसद ने कहा कि प्रियंक खरगे को गृह मंत्री बनाया गया है और उन्हें शांति से अपना काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “चूंकि उनके पिता (मल्लिकार्जुन खरगे) ने पार्टी के लिए बहुत मेहनत की है, इसलिए उनके लिए व्यवस्था की गई है। उन्हें लोगों के लिए अच्छा काम करके अपना नाम बनाना चाहिए। आरएसएस के पीछे भागना उनके लिए उचित नहीं है। भाषा जोहेब माधव

माधव


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