भाजपा सांसद ने आबकारी नीति मामले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के रुख की सराहना की
भाजपा सांसद ने आबकारी नीति मामले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के रुख की सराहना की
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद बांसुरी स्वराज ने पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल तथा अन्य से जुड़े आबकारी नीति मामले की सुनवाई से खुद को अलग नहीं करने के दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के निर्णय की मंगलवार को सराहना की।
स्वराज ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अदालत का फैसला न्यायिक स्वतंत्रता की पुष्टि करता है और आम आदमी पार्टी द्वारा अदालत पर दबाव बनाने के लिए चलाए जा रहे समन्वित अभियान के प्रयासों को खारिज करता है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘केजरीवाल एक दबंग व्यक्ति हैं, जिन्होंने एक महिला न्यायाधीश पर दबाव डालने की कोशिश की।’’
भाजपा सांसद ने कहा कि इस प्रयास का उद्देश्य न्यायाधीश बदलना नहीं था, बल्कि आम आदमी पार्टी विमर्श को नियंत्रित करना चाहती थी।
आप प्रमुख पर प्रहार करते हुए स्वराज ने कहा, ‘‘एक महिला न्यायाधीश के खिलाफ – उनके परिवार, उनके बच्चों, एक मां के खिलाफ – जिस तरह के हमले और आरोप लगाए गए, उनका स्पष्ट उद्देश्य उन पर दबाव डालना था, ताकि वे खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को याद दिलाना चाहती हूं कि इस देश के इतिहास में जब भी किसी महिला का अपमान हुआ है, तो इसके जिम्मेदार लोगों का विनाश हुआ है।’’
भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘इसलिए, केजरीवाल जी, आप जिस तरह की दबंगई, भय की राजनीति और दबाव की रणनीति अपना रहे हैं, उससे आप देश की महिलाओं के गुस्से का निशाना बन जाएंगे।’’
एक दिन पहले, न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने आबकारी नीति मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने से इनकार कर दिया था।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप

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