भाजपा ने एक बार फिर अपनी अक्षमता से दिल्ली को शर्मसार किया: आप
भाजपा ने एक बार फिर अपनी अक्षमता से दिल्ली को शर्मसार किया: आप
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को कहा कि ताजा स्वच्छता सर्वेक्षण में दिल्ली के पूर्ववर्ती नगर निगमों को मिले स्थानों ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘अक्षमता’’ साबित कर दी है।
साथ ही, आप ने दिल्ली में जल्द से जल्द नगर निगम के चुनाव कराए जाने की मांग की है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने पलटवार करते हुए इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि पिछले वर्ष की तुलना में स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में निगमों की रैंकिंग गिरी है।
अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी की प्रतिक्रिया केंद्र द्वारा वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम जारी किये जाने के एक दिन बाद आई है।
सर्वेक्षण में पूर्ववर्ती उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) को देश के 45 शहरों में नीचे से अंतिम दस में रखा गया है।
स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में एनडीएमसी को 37वां, पूर्वी दिल्ली नगर निगम को 34वां और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को 28वां स्थान मिला।
सर्वेक्षण के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए, ‘आप’ के एमसीडी चुनाव प्रभारी दुर्गेश पाठक ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में दिल्ली को मिले स्थान को ‘‘शर्म की बात’’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि परिणामों ने एक बार फिर ‘‘भाजपा की अक्षमता साबित कर दी है, जो पिछले 15 साल से एमसीडी पर शासन कर रही है’’।
एमसीडी ने एक बयान में कहा, ‘‘पूर्ववर्ती एसडीएमसी ने 28वां स्थान हासिल किया है, जो पिछले साल की स्थिति से तीन पायदान ऊपर है। ईडीएमसी को 34वां स्थान मिला है, जो कि पिछले साल 40 था। एनडीएमसी ने 37वां स्थान प्राप्त किया, जो 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पिछले वर्ष के प्रदर्शन की तुलना में आठ पायदानों का एक महत्वपूर्ण सुधार है।’’
सर्वेक्षण-2021 में एनडीएमसी को 45वां, ईडीएमसी को 40वां और एसडीएमसी को 31वां स्थान मिला था।
निगम ने कहा, ‘‘इस प्रकार, यह कहना कि एमसीडी की रैंक केवल पिछले पांच-छह वर्षों में गिर गई है, न केवल झूठ है, बल्कि दिल्ली को स्वच्छ बनाने के लिए व्यक्तियों, आरडब्ल्यूए / एमटीए और नागरिकों द्वारा किए गए प्रयासों को भी बदनाम करता है।’’
निगम ने आप पर पिछले कुछ वर्षों में, शहर के निगमों को अपंग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विभिन्न मदों के तहत धन नियमित रूप से प्रदान नहीं किया गया था।
एमसीडी ने कहा कि इन कठिनाइयों के बावजूद, सभी पूर्ववर्ती निगमों ने ‘‘अपने पिछले वर्ष की रैंकिंग में सुधार किया है’’।
भाषा फाल्गुनी नेत्रपाल
नेत्रपाल

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