Raipur Bulldozer Action: रायपुर के पास नकटी गांव में बवाल, बुलडोजर लेकर पहुंची थी प्रशासन की टीम, देखते ही भड़क उठे ग्रामीण

Raipur Bulldozer Action: राजधानी रायपुर के सम्मानपुर नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया।

Raipur Bulldozer Action: रायपुर के पास नकटी गांव में बवाल, बुलडोजर लेकर पहुंची थी प्रशासन की टीम, देखते ही भड़क उठे ग्रामीण

Raipur Bulldozer Action/Photo Credit: IBC24 File

Modified Date: June 29, 2026 / 09:29 am IST
Published Date: June 29, 2026 9:24 am IST
HIGHLIGHTS
  • रायपुर के सम्मानपुर नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया
  • बुलडोजर कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और पथराव की स्थिति बनी, जिससे इलाके में तनाव फैल गया
  • ग्रामीणों का दावा है कि यह उनके पूर्वजों की जमीन है, जबकि प्रशासन का कहना है कि भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है और नोटिस के बाद कार्रवाई की जा रही है

 रायपुर। Raipur Bulldozer Action: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सम्मानपुर नकटी गांव में उस वक्त बवाल मच गया, जब पुलिस प्रशासन की टीम भारी दल बल के साथ बुलडोजर लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंची। एक बार फिर अब पुलिस की टीम और ग्रामीणों आमने सामने है। कार्रवाई के विरोध में ग्रामीण सड़कों में बैठ गए है और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहें है। इस दौरान पुलिस की टीम और ग्रामीणों के बीच झूमझटकी भी देखने को मिली।

Raipur Bulldozer Action इस बुलडोजर कार्रवाई से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। कई महिलाओं की आंखें भी नम हो गई है। बुलडोजर कार्रवाई शुरू होते ही ग्रामीण बुलडोजर के सामने खड़े होकर विरोध कर रहें है, बुलडोजर पर पत्थरबजी भी कर दी। आपको बता दें कि इस गांव में लगभग 70 से ज्यादा घर है। दो दिन पहले ही प्रशासन ने ग्रामीणों को नोटिस जारी किया था जिसके बाद ही आज ये कार्रवाई की जा रही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि घर टूटने पर हम कहां जाएंगे। बारिश के इस मौसम में कहां भटकते रहेंगे।

वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने प्रधानमंत्री योजना सेक्टर 30 में प्रभावित परिवारों की शिफ्टिंग शुरू कर दी गई है। घरों से समान शिफ्ट कराने गाड़ियां भी मौके पर मौजदू है। गाड़ियों में घरों के समान की लोडिंग का काम शुरू कर दिया गया है।

जानें पूरा मामला

ग्रामीणों का कहना है कि राज्य सरकार ने उनके पूर्वजों की जमीन पर विधायकों के लिए कॉलोनी बनाने का फैसला किया है, इसलिए उन्हें हटाया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों ने गांव की बड़ी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है, इसलिए उन्हें नोटिस जारी किया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक ‘शामिलात चारागाह’ (चारागाह के लिए आरक्षित भूमि) के रूप में वर्गीकृत भूमि उनके पूर्वजों की थी और वहां बने घरों में से लगभग 30 घर प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत बनाए गए हैं।

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.