नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी प्रारूप मतदाता सूची से करीब 47 लाख लोगों के नाम हटाने को लेकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर वोट काट कर अगला एमसीडी चुनाव जीतने की तैयारी करने का बुधवार को आरोपी लगाया।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने इतनी बड़ी संख्या में नामों को सूची से बाहर करने को गंभीर विषय बताते हुए कहा, “वोट काटकर चुनाव जीतने की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। वोट किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि हर पात्र नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।”
उन्होंने एक बयान में दावा किया कि दिल्ली की जनता को भाजपा से ‘काम का हिसाब’ चाहिए, ‘वोट काटने का हिसाब’ नहीं।
कुमार ने कहा कि चार दिसंबर 2022 के दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव के समय राष्ट्रीय राजधानी में करीब एक करोड़ 47 लाख मतदाता थे और एसआईआर के बाद मसौदा मतदाता सूची में करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हैं और मौजूदा सूची में मतदाताओं की संख्या घटकर 97 लाख 53 हजार 577 रह गई है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आगामी एमसीडी चुनाव को लेकर भाजपा ने अभी से चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है और काम के बजाय मतों के समीकरण से चुनाव जीतने की तैयारी की जा रही है।
कुमार ने यह भी आरोप लगाया, “ भाजपा को काम के आधार पर वोट मिलने की उम्मीद नहीं, वह इसलिए वोट काटकर एमसीडी जीतने की तैयारी में है।”
उन्होंने मांग की कि एसआईआर के बाद प्रारूप सूची से बाहर हुए 47 लाख मतदाताओं के नामों को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जाए और पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित किए जाएं।
कुमार ने कहा कि कांग्रेस हर पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाएगी।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार, प्रारूप मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत्यु, सूची में एक बार से ज्यादा नाम होने और अन्य (एएसेडीडीओ) श्रेणियों के तहत ‘अनुपलब्ध’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
भाषा नोमान नोमान रंजन
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