‘वंदे मातरम्’ को लेकर भाजपा, आरएसएस की ‘नफरत की राजनीति’ तमिलनाडु में नहीं चलेगी : मणिक्कम टैगोर

‘वंदे मातरम्’ को लेकर भाजपा, आरएसएस की ‘नफरत की राजनीति’ तमिलनाडु में नहीं चलेगी : मणिक्कम टैगोर

‘वंदे मातरम्’ को लेकर भाजपा, आरएसएस की ‘नफरत की राजनीति’ तमिलनाडु में नहीं चलेगी : मणिक्कम टैगोर
Modified Date: August 17, 2026 / 08:30 pm IST
Published Date: August 17, 2026 8:30 pm IST

मदुरै, 17 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु की प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष बी. मणिक्कम टैगोर ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का ‘‘राजनीतिकरण’’ कर सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने और ‘‘नफरत की राजनीति को बढ़ावा देने’’ का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अपरिपक्व राजनीति तमिलनाडु में कामयाब नहीं होगी।

टैगोर ने सोमवार को कहा, ‘‘अगर कोई ‘वंदे मातरम्’ नहीं कहता है तो उसे राष्ट्रविरोधी बताने की कोशिश वाली यह अधपकी (अपरिपक्व) राजनीति तमिलनाडु में नहीं चलेगी।’’

कांग्रेस सांसद ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का जोरदार बचाव किया।

उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के पक्ष में हैं और ऐसी विभाजनकारी कोशिशों का मजबूती से विरोध करती हैं।

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय से सामने आए एक वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत उसके नेताओं ने आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन पर आपत्ति जताई और इसे बीच में रोकने की कोशिश की।

कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि राष्ट्रगीत को रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई।

टैगोर ने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, के. कामराज, सी. राजगोपालाचारी और धीरा सत्यमूर्ति सहित राष्ट्रीय नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गर्व से ‘वंदे मातरम्’ गाया था। उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने गीत के मूल अंतरों का सावधानीपूर्वक चयन किया था।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे का इस्तेमाल उत्तर भारतीय राज्यों में अपने राजनीतिक विरोधियों को ‘‘राष्ट्रविरोधी’’ बताने के लिए कर रही है, जबकि आरएसएस लोगों पर अपना एजेंडा थोपने की कोशिश कर रहा है।

कर्नाटक में हाल में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा तीन तमिल लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए टैगोर ने इसे ‘‘अमानवीय कृत्य’’ करार दिया।

हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे को अंतरराज्यीय विवाद का रूप देने या क्षेत्रीय वैमनस्य भड़काने के खिलाफ आगाह किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में लाखों तमिल लोग शांतिपूर्वक रहते हैं।

टैगोर ने कहा कि कर्नाटक के वन मंत्री से बातचीत के बाद राज्य सरकार ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक कार्रवाई की और प्रभावित परिवार को 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।

भाषा रवि कांत रवि कांत माधव

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