भाजपा एससी मोर्चा ने मनरेगा में भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री मान की ‘चुप्पी’ को लेकर निशाना साधा
भाजपा एससी मोर्चा ने मनरेगा में भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री मान की 'चुप्पी' को लेकर निशाना साधा
चंडीगढ़, चार जनवरी (भाषा) भाजपा अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा पंजाब के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने पिछले तीन वर्षों से मनरेगा योजना में कथित भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की चुप्पी को लेकर रविवार को सवाल उठाया।
कैंथ ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार की विकसित भारत- गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) कानून का विरोध करने के लिए आलोचना की। उन्होंने कहा कि जी राम जी कानून ग्रामीण मजदूरों के हित में है क्योंकि इसका उद्देश्य गारंटीकृत रोजगार को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करना है।
उन्होंने पूछा कि राज्य सरकार उस कानून का विरोध क्यों कर रही है जो 25 अतिरिक्त दिनों के गारंटीशुदा काम का प्रावधान करता है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के प्रावधानों का हवाला देते हुए कैंथ ने कहा कि मांग के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराया जाना चाहिए या बेरोजगारी भत्ता दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार इनमें से किसी को भी सुनिश्चित करने में विफल रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने दावा किया कि 2024-25 में 6,095 ग्राम पंचायतों और 2025-26 में 7,389 ग्राम पंचायतों में अनिवार्य सामाजिक लेखापरीक्षाएं नहीं की गईं, और आरोप लगाया कि इसका मकसद भ्रष्टाचार को छिपाना था।
कैंथ ने आरोप लगाया कि विशेष लेखापरीक्षा इकाई द्वारा अनियमितताओं के 3,986 मामले चिह्नित किए गए और लोकपाल द्वारा 2.35 करोड़ रुपये के वसूली आदेश जारी किए गए लेकिन राज्य सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
भाषा आशीष नरेश
नरेश

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