भाजपा को मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए : दीपके

भाजपा को मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए : दीपके

भाजपा को मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए : दीपके
Modified Date: August 30, 2026 / 08:59 pm IST
Published Date: August 30, 2026 8:59 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), 30 अगस्त (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लगता है कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से भी बड़ी हो गई है, हालांकि उसे संघ प्रमुख मोहन भागवत की बातों पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने यह बात आरएसएस प्रमुख के न्यूयॉर्क में दिए गए उस बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में कही, जिसमें भागवत ने कहा था कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में कोई मुस्लिम नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा।

कॉजपा नेता ने कहा, “मैं शुरुआत से ही कहता आ रहा हूं कि भाजपा को मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए। सत्ता में 12 साल रहने और इतने सारे सरकारी तंत्र अपने हाथ में होने के बाद भाजपा सोच रही है कि वह आरएसएस से बड़ी हो गई है।”

उन्होंने कहा कि भागवत पहले भी कह चुके हैं कि प्रदर्शन कर रहे जेन-जी युवाओं को देश विरोधी नहीं कहा जाना चाहिए।

दीपके ने कहा, “लेकिन प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने एक नया शब्द ‘दिमागी नक्सल’ इस्तेमाल किया। इससे साफ पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोहन भागवत की बात नहीं सुन रहे।”

उन्होंने कहा कि जहां आरएसएस प्रमुख समाज में सभी को साथ लेकर चलने और बच्चों का अपमान नहीं करने की बात करते हैं, वहीं प्रधानमंत्री ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने कहा, “यह अच्छा नहीं लगता।”

दीपके ने कहा, “उन्हें कम से कम अपने मार्गदर्शक मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए। भाजपा सत्ता में आरएसएस की वजह से है।”

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने एक यूट्यूब चैनल को दिए गए साक्षात्कार में कहा है कि उनका आकलन है कि कॉजपा के नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं। वांगचुक की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “उनसे पूछा गया था कि क्या सौरव (दास) और आशुतोष (रांका) की कोई महत्वाकांक्षा है। वांगचुक ने कहा था कि हम प्रतिभाशाली और अच्छे नेता हैं तथा अब तक भ्रष्ट नहीं हुए हैं। हमने आंदोलन ईमानदारी से चलाया।”

दीपके ने कहा, “उन्होंने हमारे बारे में अच्छी बातें कही हैं।”

गौरतलब है कि वांगचुक ने साक्षात्कार में कहा था कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखना गलत नहीं है।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप


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