भाजपा बाहर से मतदाताओं को लाकर बंगाल की जनसांख्यिकी को बदलने की कोशिश कर रही है: अभिषेक बनर्जी

भाजपा बाहर से मतदाताओं को लाकर बंगाल की जनसांख्यिकी को बदलने की कोशिश कर रही है: अभिषेक बनर्जी

भाजपा बाहर से मतदाताओं को लाकर बंगाल की जनसांख्यिकी को बदलने की कोशिश कर रही है: अभिषेक बनर्जी
Modified Date: March 31, 2026 / 08:13 pm IST
Published Date: March 31, 2026 8:13 pm IST

बालुरघाट, 31 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को बालुरघाट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के बाहर से मतदाताओं को लाकर पश्चिम बंगाल की जनसांख्यिकी को बदलने की कोशिश कर रही है।

बनर्जी ने बालुरघाट टाउन क्लब ग्राउंड में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार अर्पिता घोष के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित बिहार और उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में लाया जा रहा है ताकि स्थानीय लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने से रोका जा सके।

उन्होंने आरोप लगाया, “बंगाल की जनसंख्या संरचना को बदलने की साजिश रची जा रही है। यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि बंगाल के लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकें। बिहार और उत्तर प्रदेश से मतदाताओं को बंगाल के विभिन्न हिस्सों में लाया जा रहा है।”

बनर्जी ने कहा कि उन्होंने इस मामले में निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज करा दी है।

ये आरोप विधानसभा चुनाव से पहले जारी तीखे चुनावी अभियान के बीच आए हैं, जिसमें तृणमूल कांग्रेस बार-बार भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा ने सत्तारूढ़ पार्टी पर तुष्टीकरण की राजनीति और मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

तृणमूल कांग्रेस नेता बनर्जी ने भाजपा के ‘डबल इंजन वाली सरकार’ के नारे पर भी हमला बोलते हुए दावा किया कि बालुरघाट इस नारे का ‘सबसे बड़ा पीड़ित’ बनकर उभरा है, जबकि वहां भाजपा के सांसद, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और पांच साल से अधिक समय से विधायक दोनों मौजूद हैं।

हालांकि, बनर्जी ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मजूमदार का नाम नहीं लिया।

उन्होंने कहा, “बालुरघाट के लोगों से अधिक किसी ने भी तथाकथित ‘डबल इंजन वाली सरकार’ का सामना नहीं किया है। पिछले पांच वर्षों से यहां के सांसद और विधायक दोनों भाजपा से हैं। फिर भी वे इस क्षेत्र के लिए 10 पैसे का अतिरिक्त कोष या विकास भी नहीं ला पाए हैं।”

उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह बालुरघाट में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों का तुलनात्मक ‘रिपोर्ट कार्ड’ जनता के सामने रखे। बनर्जी ने कहा, ‘लोगों को यह तय करने दें कि हमारी सरकार ने बालुरघाट के लिए क्या किया है और मोदी सरकार ने क्या किया है।’

पथश्री, लक्ष्मी भंडार और हाल ही में घोषित युवा साथी जैसी योजनाओं का हवाला देते हुए बनर्जी ने कहा कि तृणमूल सरकार ने क्षेत्र के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया है जबकि केंद्र सरकार अतिरिक्त सहायता देने में विफल रही है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य की पथश्री योजना के तहत सड़कें बनाई गई हैं और युवा साथी योजना के लाभार्थियों को घोषणा के 15 दिनों के भीतर उनके बैंक खातों में धनराशि प्राप्त हो गई है।

बनर्जी ने भाजपा के सत्ता में आने पर महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना ‘लक्ष्मीर भंडार’ की राशि बढ़ाने के बारे में मजूमदार की टिप्पणी पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे पहले किसी भाजपा शासित राज्य में ऐसी योजना लागू करें जहां परिवार की हर महिला को लाभ मिले। अगर वे ऐसा कर सकते हैं, तो मैं तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रचार करना बंद कर दूंगा।’

बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों के विपरीत, पश्चिम बंगाल में लक्ष्मीर भंडार के तहत सभी पात्र महिलाओं को लाभ मिल रहा है। उन्होंने बालुरघाट में पॉलिटेक्निक कॉलेज और सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल जैसी परियोजनाओं को भी राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र में किए गए योगदान के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।

अर्थव्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए बनर्जी ने आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “दूध, चावल, खाद्य तेल से लेकर पेट्रोल तक, हर चीज की कीमतें आसमान छू रही हैं। देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो चुकी है और भाजपा बंगाल के लोगों को भूखा मारना चाहती है।”

चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के उद्देश्य से फुटबॉल का उदाहरण देते हुए बनर्जी ने जनता से भाजपा की करारी हार सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘उन्हें 10-0 से हराना है और मैदान से बाहर करना है।’

भाजपा ने बार-बार तृणमूल कांग्रेस सरकार पर राज्य में एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद विकास के अवसर प्रदान करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। वहीं, सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि केंद्र ने बंगाल को उसके वैध हकों से वंचित किया है और केंद्रीय एजेंसियों और संस्थानों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग किया है।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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