भाजपा की राज्यसभा सदस्य ने पंजाब के मुख्यमंत्री से जुड़े वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की
भाजपा की राज्यसभा सदस्य ने पंजाब के मुख्यमंत्री से जुड़े वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की
चंडीगढ़, 24 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक विवादित वायरल वीडियो के आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की।
शर्मा ने सवाल उठाया कि अगर सच्चाई उनके पक्ष में थी, तो फॉरेंसिक रिपोर्ट में ‘‘हेरफेर’’ की क्या जरूरत थी।
चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, शर्मा ने मीडिया में आई खबरों और शिकायतकर्ता जसप्रीत सिंह के उस आरोप का जिक्र किया जिसमें 16 जून को हरियाणा स्थित गुरुग्राम के एक होटल में कथित बैठक की बात कही गई थी।
भाजपा सांसद ने दावा किया कि बैठक में पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिसका मकसद कथित तौर पर मुख्यमंत्री के पक्ष में फॉरेंसिक रिपोर्ट हासिल करना था।
शर्मा ने कहा कि खबरों में दावा किया गया है कि बैठक से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सऐप चैट से पता चलता है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट के कुछ हिस्सों में बदलाव करने और उसके निष्कर्षों को बदलने के बारे में चर्चा हुई थी।
शिकायतकर्ता के आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिंह ने दावा किया कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने उनसे संपर्क किया और मान के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने को कहा।
शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि निजी साइबर विशेषज्ञों को काम पर रखा गया था, बाद में निष्कर्षों में बदलाव किए गए और इस काम के लिए 10 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
मान ने वीडियो को खारिज करते हुए इसे उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से किया गया ‘‘झूठा दुष्प्रचार’’ बताया है। पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने भी दावा किया है कि दो प्रयोगशालाओं में की गई फॉरेंसिक जांच से पता चला है कि कथित आपत्तिजनक वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति भगवंत मान नहीं है।
अकाल तख्त ने इस महीने की शुरुआत में एक वीडियो को लेकर मान को ‘‘गुरु दोखी’’ (गुरु-द्रोही) और ‘‘खालसा पंथ विरोधी’’ घोषित किया था। वीडियो में कथित तौर पर मान जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति सिख गुरुओं और मारे गए आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त दिखाई दे रहा है।
भाषा शफीक सुरेश
सुरेश

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