राज्यसभा सीट नहीं मिलने के लिए पीडीपी को दोषी ठहराना असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की चाल: वहीद पारा

राज्यसभा सीट नहीं मिलने के लिए पीडीपी को दोषी ठहराना असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की चाल: वहीद पारा

राज्यसभा सीट नहीं मिलने के लिए पीडीपी को दोषी ठहराना असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की चाल: वहीद पारा
Modified Date: May 6, 2026 / 01:41 pm IST
Published Date: May 6, 2026 1:41 pm IST

श्रीनगर, छह मई (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) नेता वहीद पारा ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले साल हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस का हंगामा बेबुनियाद है और यह सिराजुल उलूम स्कूल को विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम के तहत अवैध घोषित किए जाने जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की चाल है।

पारा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ‘‘राज्यसभा चुनाव को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस का शोर बेमानी है। यह असल में राज्यसभा का मामला नहीं है-यह सिराजुल उलूम विवाद और सरकारी दस्तावेजों से उर्दू को मिटाने जैसे गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने का जरिया है।’’

शोपियां के इमाम साहिब स्थित दारुल उलूम जामिया सिराजुल उलूम को पिछले महीने यूएपीए के तहत अवैध संस्था घोषित किया गया था।

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पीडीपी पर राज्यसभा चुनाव में भाजपा की मदद करने का आरोप लगाया है। उस चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस को तीन और भाजपा को एक सीट मिली थी, जबकि एक सीट का नुकसान ‘क्रॉस’ वोटिंग से जोड़ा गया।

पीडीपी सांसद ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए गठित ‘पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन’ (पीएजीडी) को भंग करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पीएजीडी को भंग किया और जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनावों में पीडीपी को ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया)’ से बाहर रखवाकर चुनावी एकता को और कमजोर किया।’’

पुलवामा के विधायक पारा ने कहा कि इस पृष्ठभूमि में पीडीपी के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस को राज्यसभा चुनाव में सहयोग देने की कोई बाध्यता नहीं थी।

उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी हमने बिना किसी शर्त के समर्थन दिया, यह जानते हुए भी कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर असंतोष था। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के नतीजे के लिए पीडीपी को दोष देना न सिर्फ गलत है बल्कि नुकसानदेह भी है। उमर साहब को यह समझना होगा कि असफलता की जड़ें ‘नवाए सुबह’ (नेशनल कॉन्फ्रेंस मुख्यालय) में हैं।’’

पारा ने कहा कि पीडीपी को निशाना बनाकर सत्तारूढ़ पार्टी दरअसल जम्मू-कश्मीर में चुनावी एकता तोड़ने के भाजपा के एजेंडे में हाथ बंटा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कल नेशनल कॉन्फ्रेंस बिखर जाए और उमर अब्दुल्ला को सत्ता में बने रहने के लिए पीडीपी के चार विधायकों की जरूरत पड़े, तो उन्हें उन्हीं नेताओं के पास जाना होगा जिन्हें वह पद संभालने के बाद से लगातार कोसते आए हैं।’’

पारा ने कहा कि मुख्यमंत्री को एक राज्यसभा सीट पर हार को लेकर उलझने के बजाय शासन पर ध्यान देना चाहिए।

भाषा खारी वैभव

वैभव


लेखक के बारे में