Budget 2026 Congress Reaction: ‘भाजपा का “मिशन मोड” अब “चुनौती मार्ग” बन गया है’.. बजट को लेकर आखिर कांग्रेस ने क्यों कही ये बात? खुद पढ़ें

Budget 2026 Congress Reaction: अखिलेश यादव ने लिखा, "अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर दस तरह की छूटें दी गईं हैं लेकिन बेकारी-बेरोज़गारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली, खाली है। निराशाजनक, निंदनीय बजट!"

Budget 2026 Congress Reaction: ‘भाजपा का “मिशन मोड” अब “चुनौती मार्ग” बन गया है’.. बजट को लेकर आखिर कांग्रेस ने क्यों कही ये बात? खुद पढ़ें

Budget 2026 Congress Reaction || Image- IBC24 News File

Modified Date: February 1, 2026 / 02:31 pm IST
Published Date: February 1, 2026 2:22 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बजट 2026 पर कांग्रेस का तीखा प्रहार
  • खरगे बोले, नीति दृष्टि का अभाव
  • विपक्ष ने बजट को बताया फीका

Budget 2026 Congress Reaction: नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने अलग-अलग सेक्टर के लिए कई बड़ी घोषणाएं की। वित्त मंत्री ने अपने बजट में छोटे करदाताओं और निवेशकों को राहत देते हुए इनकम टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। इन बदलावों का मकसद टैक्स अनुपालन को सरल बनाना और करदाताओं की परेशानियां कम करना है।

“मिशन मोड” अब “चुनौती मार्ग” : मल्लिकार्जुन खरगे

AICC चीफ मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा, मोदी सरकार के पास अब कोई उपाय नहीं बचे हैं। बजट2026 भारत की अनेक आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का एक भी समाधान नहीं देता। “मिशन मोड” अब “चुनौती मार्ग” बन गया है। “सुधार एक्सप्रेस” शायद ही किसी “सुधार” जंक्शन पर रुकती है। नतीजा: कोई नीतिगत दूरदृष्टि नहीं, कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं।”

Budget 2026 Congress Reaction: उन्होंने आगे कहा, “हमारे अन्नदाता किसान अभी भी सार्थक कल्याणकारी सहायता या आय सुरक्षा योजना का इंतजार कर रहे हैं। असमानता ब्रिटिश राज के समय के स्तर को भी पार कर चुकी है, लेकिन बजट में इसका जिक्र तक नहीं है और न ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों को कोई सहायता प्रदान की गई है। वित्त आयोग की सिफारिशों का और अधिक अध्ययन करना होगा, लेकिन ऐसा प्रतीत नहीं होता कि वे गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य सरकारों को कोई राहत प्रदान करती हैं। संघवाद को भारी नुकसान हुआ है। क्या गायब है और कहाँ मायने रखता है।”

  1. विनिर्माण: कोई पुनरुद्धार रणनीति नहीं; 13% पर अटका हुआ है। “मेक इन इंडिया” कहाँ है?
  2. रोजगार: हमारे युवाओं के लिए रोजगार क्षमता या कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कोई गंभीर योजना नहीं है। पूर्व इंटर्नशिप और कौशल विकास योजनाओं का क्या परिणाम रहा?
  3. निर्यात/व्यापार: निर्यात में आई गिरावट, टैरिफ के जोखिम, व्यापार घाटा और वैश्विक हिस्सेदारी में कमी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं। रुपये की गिरती कीमत से निपटने के लिए कोई योजना?
  4. गरीब और मध्यम वर्ग: महंगाई से राहत नहीं; बचत घट रही है, कर्ज बढ़ रहा है, वेतन स्थिर है। उपभोक्ता मांग को फिर से बढ़ाने के लिए कोई उपाय क्यों नहीं?
  5. निजी निवेश: विश्वास का कोई संकेत नहीं – प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और वेतन में ठहराव को नजरअंदाज किया गया। केवल मामूली समायोजन क्यों, कोई संरचनात्मक सुधार क्यों नहीं?
  6. अवसंरचना: वादे दोहराए गए, लेकिन काम नहीं हुआ – शहर अभी भी रहने लायक नहीं हैं। हमें “स्मार्ट सिटी” या रहने लायक शहर कब मिलेंगे?
  7. सामाजिक सुरक्षा: सामाजिक सुरक्षा और कल्याण पर एक भी ठोस घोषणा नहीं हुई। एमजीएनआरईजीए की जगह आए नए कानून के आवंटन पर एक शब्द भी नहीं कहा गया। क्यों? यह बजट कोई समाधान पेश नहीं करता, नीति के अभाव को छिपाने के लिए नारे भी नहीं!

‘फीका रहा पूरा बजट’ : कांग्रेस

Budget 2026 Congress Reaction: हालाँकि यह बजट विपक्षी दल कांग्रेस और दूसरे दलों के नेताओं को रास नहीं आया। इस बजट को लेकर दिग्गज विपक्षी नेताओं ने ट्वीट किये है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने बजट को फीका बताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “हालाँकि दस्तावेज़ों का विस्तार से अध्ययन किया जाना अभी बाकी है, लेकिन 90 मिनट बाद ही यह स्पष्ट हो गया है कि बजट 2026/27 के बारे में जो भारी माहौल बनाया गया था, उसके मुकाबले यह कहीं कमतर रहा है। यह पूरी तरह फीका साबित हुआ। भाषण भी पारदर्शी नहीं था, क्योंकि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजट आवंटन को लेकर कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।”

इसी तरह कांग्रेस की महिला नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा, “11 साल पहले शिक्षा का बजट टोटल बजट का 4.5% था, मोदी जी ने घटा कर 2.5% कर दिया। उच्च शिक्षा का बजट टोटल बजट का 2.5% था, अब 0.9% है। रक्षा का बजट टोटल बजट का 17% था, अब 13% है और वो मेक इन इंडिया वाला बब्बर शेर मिमिया क्यों रहा है? मैनुफैक्चरिंग GDP का मात्र 12.8% क्यों?”

‘निराशाजनक, निंदनीय बजट’ : समाजवादी पार्टी

Budget 2026 Congress Reaction: कांग्रेस की तरह समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेता अखिलेश यादव ने भी ट्वीट किया और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम। हमने तो पहले ही कहा था :

– सवाल ये नहीं है कि शेयर बाज़ार रविवार को खुलेगा, सवाल ये है कि और कितना गिरेगा।
– जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से क्या होगी।
– हम तो भाजपा के हर बजट को 1/20 (एक बँटे बीस) का बजट मानते हैं क्योंकि वो 5% लोगों के लिए होता है।
– भाजपा का बजट, अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का बजट होता है।
– भाजपा का बजट, भाजपाई भ्रष्टाचार की अदृश्य खाता-बही होता है।
– इस बजट में न आम जनता का ज़िक्र है न फ़िक्र।
– ⁠महंगाई बेतहाशा बढ़ने पर भी इस बजट में जनता को टैक्स में छूट न देना, ‘टैक्स-शोषण’ है।
– ⁠अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर दस तरह की छूटें दी गईं हैं लेकिन बेकारी-बेरोज़गारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली, खाली है। निराशाजनक, निंदनीय बजट!”

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