गलत पहचान के कारण दूसरे व्यक्ति के शव को दफनाया; लापता व्यक्ति जीवित लौटा

गलत पहचान के कारण दूसरे व्यक्ति के शव को दफनाया; लापता व्यक्ति जीवित लौटा

गलत पहचान के कारण दूसरे व्यक्ति के शव को दफनाया; लापता व्यक्ति जीवित लौटा
Modified Date: May 21, 2026 / 12:43 pm IST
Published Date: May 21, 2026 12:43 pm IST

रांची, 21 मई (भाषा) झारखंड के खूंटी जिले में विश्राम मुंडा के लापता होने के कुछ दिन बाद परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन वे उस समय हैरान रह गए जब वह करीब 70 किलोमीटर दूर रामगढ़ से अपने घर लौट आए।

बुधवार को अधिकारियों ने कहा कि परिवार ने पुलिस द्वारा बरामद एक शव की पहचान गलती से मुंडा के रूप में की थी और उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

खूंटी के उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) वरुण रजक ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पत्राटोली गांव के निवासी 45 वर्षीय मुंडा 10 मई को एक शादी में शामिल होने के लिए घर से निकलने के बाद लापता हो गए थे।

पुलिस अधिकारी ने बताया, “उनके परिवार ने बहुत खोजबीन की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। एक दिन बाद, पुलिस ने नाले से एक अज्ञात शव बरामद किया। सूचना मिलते ही, परिजनों ने खूंटी सदर अस्पताल पहुंचकर शव की पहचान मुंडा के रूप में की।”

पुलिस ने बताया कि शव की लंबाई, शारीरिक बनावट और चेहरा मुंडा से काफी मिलता-जुलता था और परिवार के सदस्यों के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी शव को लापता व्यक्ति का ही मान लिया।

कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया और शव को आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार दफना दिया गया।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘दफनाने के कुछ दिन बाद, मुंडा अचानक खूंटी में अपनी बेटी के किराए के घर पर पहुंच गए, जिससे उनके रिश्तेदार आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने अपने परिवार वालों को बताया कि वह बिना किसी को बताए रामगढ़ चले गए थे।’

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक की सही पहचान करने के लिए डीएनए परीक्षण करने हेतु पुलिस ने शव को कब्र से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भाषा तान्या वैभव

वैभव


लेखक के बारे में