सिंगापुर की अदालत ने बायजू के संस्थापक रवींद्रन को छह महीने की जेल की सजा सुनाई
सिंगापुर की अदालत ने बायजू के संस्थापक रवींद्रन को छह महीने की जेल की सजा सुनाई
नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) सिंगापुर की एक अदालत ने मुश्किलों में घिरी शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी ‘बायजू’ के संस्थापक बायजू रवींद्रन को छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। घटनाक्रम से वाकिफ सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक यह आदेश प्रकाशित नहीं किया गया था।
इस बीच, रवींद्रन ने सिंगापुर की अदालत के फैसले को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि पीड़ित पक्षों के बीच समझौता प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
उन्होंने कहा, “सिंगापुर की अदालत में आज का मामला न्यायालय के आदेश की अवमानना से जुड़ा मामला है, जो सुनवाई के दौरान दस्तावेजों के खुलासे को लेकर हुए विवाद से उपजा है-यह धोखाधड़ी, बेईमानी या किसी अन्य गलत काम के आरोपों से संबंधित मामला नहीं है। मुझे 15 जून को पेश होने का निर्देश दिया गया है और अपील के विकल्प उपलब्ध हैं।”
रवींद्रन ने कहा कि ग्लास ट्रस्ट और क्यूआईए सहित विभिन्न ऋणदाता तथा अन्य हितधारक (बायजू के) संस्थापकों और अन्य पक्षों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं, जिससे सैद्धांतिक रूप से एक समझौते पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि कुछ मामूली मुद्दे ही बचे हैं, जिन पर कुछ पक्षों के बीच सहमति कायम होना बाकी है।
रवींद्रन ने कहा, “बचे हुए मुद्दों में मेरी कोई भूमिका नहीं है। मुझे इस बात का दुख है कि सिंगापुर की अदालत में विचाराधीन हालिया मामले को इस तरह से आगे बढ़ाया गया और रिपोर्ट किया गया, जिससे मेरे बारे में गलत धारणा बनी, खासकर ऐसे समय में, जब सभी प्रमुख पक्ष समझौते से जुड़ी बातचीत लगभग पूरी कर चुके हैं।”
बायजू संस्थापक ने कहा कि समझौते से संबंधित बातचीत के दौरान पक्षों ने यह भी स्वीकार किया है कि उनकी या अन्य संस्थापकों की ओर से कोई गलत काम नहीं किया गया है।
रवींद्रन ने कहा, “इसीलिए यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस संवेदनशील समय में इस मामले का इस्तेमाल एक विपरीत सार्वजनिक विमर्श गढ़ने के लिए किया जा रहा है। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पिछले कुछ महीनों में मैंने कई अदालती मामलों में सक्रिय रूप से पैरवी नहीं की, क्योंकि पक्षकार एक व्यापक समझौते की दिशा में काम कर रहे थे। मैंने टकराव के बजाय समाधान को चुना।”
भाषा पारुल माधव
माधव

Facebook


