SARTHAK PDS Yojana: राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने किए 3 बड़े बदलाव, करोड़ों लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

SARTHAK PDS Yojana: देश के सभी राशनकार्डधारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय कैबिनेट बैठक में राशन स्‍कीम के तहत तीन बड़ा बदलाव किया है।

SARTHAK PDS Yojana: राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने किए 3 बड़े बदलाव, करोड़ों लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

SARTHAK PDS Yojana/Image: AI Generated

Modified Date: May 27, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: May 27, 2026 7:12 pm IST
HIGHLIGHTS
  • केंद्र सरकार ने SARTHAK PDS योजना को जारी रखने को मंजूरी दी
  • राशन व्यवस्था सुधारने के लिए ₹25,530 करोड़ का आवंटन
  • डिजिटल ट्रैकिंग और स्मार्ट सिस्टम से राशन वितरण होगा पारदर्शी

SARTHAK PDS Yojana: देश के सभी राशनकार्डधारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय कैबिनेट बैठक में राशन स्‍कीम के तहत तीन बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा लाभ 80 करोड़ गरीब लोगों को मिलेगा। आपको बता दें प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना को सही तरीके से चलाने के लिए सरकार ने SARTHAK PDS Yojana जारी रखने की मंजूरी दी है, जिसका लाभ गरीब और जरूरतमंद लोगों को मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने बताया कि SARTHAK PDS Yojana का मकसद देश की राशन व्यवस्था को ज्यादा मजबूत, आधुनिक और पारदर्शी बनाना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने ₹25,530 करोड़ का केंद्रीय आवंटन मंजूर किया है। इस स्‍कीम के तहत तीन खास बदलाव किया गया है। जिसमें राज्य एजेंसियों को खाद्यान्नों के राज्य के भीतर परिवहन के लिए सहायता करेगी, उचित मूल्य की दुकानों के लिए मदद और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण में मदद करना शामिल है।

योजना के तीन बड़े बदलाव

  1. सरकार राज्‍यों की एजेंसियों को खाद्यान को एक राज्‍य के भीतर गोदामों से दुकानों तक पहुंचाने के लिए आर्थिक सहायता देगी। इससे राशन वितरण में तेजी आएगी और व्यवस्था बेहतर होगी।
  2. सरकार राशन की दुकानों को भी सपोर्ट देगी। अब राशन डीलरों को डिजिटल उपकरण, बेहतर स्‍टोरेज और संचालन के लिए सहायता मिलेगी।
  3. सरकार राशन की व्‍यवस्‍था को मॉर्डनाइज करने जा रही है और इसे टेक्‍नोलॉजी बेस्‍ड बनाने जा रही है, इसमें ऑटोमेशन, डिजिटल ट्रैकिंग, ऑनलाइन मॉनिटरिंग, स्‍मार्ट डिवाइस और ट्रांसपैरेंसी टूल शामिल है। जिससे भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों पर भी रोक लगेगी।

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.