कैग की ओर से ऑडिट के लिए त्वरित प्रतिक्रिया समय की मांग: वेणुगोपाल
कैग की ओर से ऑडिट के लिए त्वरित प्रतिक्रिया समय की मांग: वेणुगोपाल
नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के प्रमुख केसी वेणुगोपाल ने ‘ऑडिट पैरा मॉनिटरिंग सिस्टम’ के तहत विभिन्न मंत्रालयों के समक्ष बड़े पैमाने पर कार्यवाही नोट लंबित होने को लेकर शुक्रवार को चिंता जताई और कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ओर से ऑडिट के लिए अधिक सहयोगात्मक और त्वरित प्रतिक्रिया समय की मांग है।
उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए गठित पीएसी की पहली बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में भाजपा की अपराजिता सारंगी और सुधांशु त्रिवेदी, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव तथा समिति के कई अन्य सदस्य शामिल हुए।
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘लोक लेखा समिति (2026-27) की पहली बैठक की अध्यक्षता की। पिछली पीएसी (2025-26) ने संसद में 26 रपट सफलतापूर्वक प्रस्तुत कीं। ऑडिट पैरा मॉनिटरिंग सिस्टम में भारी बैकलॉग गंभीर चिंता का कारण है, जिसमें 1500 से अधिक ‘एक्शन टेकन नोट’ (एटीएन) विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के समक्ष लंबित हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में सार्वजनिक व्यय की जटिल प्रकृति को देखते हुए कैग की ओर से ऑडिट के लिए अधिक सहयोगात्मक और त्वरित प्रतिक्रिया समय की मांग है।
‘ऑडिट पैरा मॉनिटरिंग सिस्टम’ एक डिजिटल मंच है, जिसे सरकारी ऑडिट से संबंधित आपत्तियों और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रपटों के समाधान के लिए विकसित किया गया है।
कैग की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद पीएसी द्वारा कुछ सिफारिशें की जाती हैं। उन सिफारिशों और कैग की आपत्तियों पर संबंधित विभाग या मंत्रालय द्वारा क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए, इसकी विस्तृत जानकारी ‘एक्शन टेकन नोट’ के माध्यम से दी जाती है।
भाषा हक
हक नरेश
नरेश

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