कावेरी जल विवाद : उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु की याचिका पर कर्नाटक से जवाब मांगा
कावेरी जल विवाद : उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु की याचिका पर कर्नाटक से जवाब मांगा
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक सरकार से तमिलनाडु की उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें जलापूर्ति की कमी का हवाला देते हुए कावेरी नदी से उसके हिस्से का पानी छोड़ने की मांग की गई है।
तमिलनाडु सरकार ने शीर्ष अदालत से कहा कि पानी की कमी के कारण उसकी खरीफ की शुरुआती फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है, वहीं कर्नाटक सरकार ने कहा कि वह ‘‘भयंकर सूखे की स्थिति’’ का सामना कर रही है।
यह मामला न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया।
तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन ने कहा कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) को पानी की कमी को पूरा करने के लिए आदेश जारी करना चाहिए।
पीठ ने पूछा, ‘‘कमी क्या है?’’
वैद्यनाथन ने कहा, ‘‘हमारे हिसाब से यह 20 टीएमसी है।’’
कर्नाटक सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा कि वे पानी छोड़ने के संबंध में सीडब्ल्यूएमए के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सूखे का वर्ष होने के बावजूद, हम जारी किए गए सभी निर्देशों का पालन कर रहे हैं। इस साल हम सूखे की गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं। सीडब्ल्यूएमए एक विशेषज्ञ संस्था है और वहां दोनों पक्षों की बात सुनी जाती है।’’
न्यायालय ने कर्नाटक से कहा कि वह तमिलनाडु की याचिका पर एक हफ़्ते के अंदर जवाब दाखिल करे।
इसने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 अक्टूबर निर्धारित की।
भाषा नेत्रपाल राजकुमार
राजकुमार

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