मोदी के जनप्रतिनिधि के रूप में 25 साल पूरे होने पर भाजपा ने ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ शुरू किया

मोदी के जनप्रतिनिधि के रूप में 25 साल पूरे होने पर भाजपा ने ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ शुरू किया

मोदी के जनप्रतिनिधि के रूप में 25 साल पूरे होने पर भाजपा ने ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ शुरू किया
Modified Date: September 24, 2026 / 04:42 pm IST
Published Date: September 24, 2026 4:42 pm IST

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनप्रतिनिधि के रूप में जनसेवा के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अपने एक माह तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ (एसएफआईसी) की शुरुआत की है।

भाजपा के मुताबिक, एसएफआईसी पूरे देश में आयोजित किया जा रहा है, ताकि युवा भारतीयों को अपने गांवों, कस्बों और समुदायों में समस्याओं की पहचान करने तथा उन्हें हल करने के लिए नये एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करने का मौका मिल सके।

‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर शुरू किया गया था। इसके तहत युवाओं तक पहुंच बढ़ाने और जन भागीदारी को बढ़ावा देने के मकसद से कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

भाजपा की केरलम इकाई के अध्यक्ष और एसएफआईसी के प्रभारी राजीव चंद्रशेखर ने कहा, “सरकार के प्रमुख के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल-पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और बाद में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में-अनगिनत उपलब्धियों से भरे रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “भारत के युवाओं के लिए बेहतर भविष्य बनाने का प्रधानमंत्री का संकल्प, युवाओं की क्षमता पर उनका भरोसा और नवाचार से लोगों की समस्याओं का समाधान मिलने का उनका विश्वास सबसे अहम बातों में शामिल है।”

चंद्रशेखर के मुताबिक, एसएफआईसी के तहत युवाओं को समस्याओं की पहचान करने और अपने-अपने राज्यों तथा देश की सेवा के मकसद से समाधान तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत युवाओं के प्रयासों को पुरस्कारों और निवेश के अवसरों से सम्मानित किया जाएगा।

चंद्रशेखर के अनुसार, एसएफआईसी का मकसद युवा नवोन्मेषकों को सिर्फ समस्याओं की पहचान करने से आगे बढ़कर ऐसे समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिनका परीक्षण और प्रदर्शन किया जा सके और जिन्हें लागू भी किया जा सके।

उन्होंने बताया कि स्कूल, कॉलेज और पॉलिटेक्निक के छात्रों के साथ-साथ स्वतंत्र नवोन्मेषकों को भी एसएफआईसी में हिस्सा लेने और अपने समुदायों को प्रभावित करने वाली समस्याओं का समाधान खोजने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया सह-प्रभारी प्रदीप भंडारी ने कहा कि जोन स्तर पर एसएफआईसी का आयोजन शुरू कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और ओडिशा ने 18 सितंबर को गांधीनगर टाउन हॉल में एसएफआईसी की शुरुआत की। इस जोन के लिए आईहब गुजरात को नोडल संस्थान बनाया गया है।

भंडारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार ने 19 सितंबर को कोलकाता के न्यू टाउन स्थित आईआईटी खड़गपुर अनुसंधान पार्क में एसएफआईसी शुरू किया। इन राज्यों के लिए आईआईटी खड़गपुर को नोडल संस्थान बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के युवाओं के लिए भी एसएफआईसी 19 सितंबर को दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) में शुरू किया गया, जो इन राज्यों के लिए नोडल संस्थान है।

भंडारी के मुताबिक, महाराष्ट्र ने एसएफआईसी 23 सितंबर को शुरू किया, जबकि कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के लिए इस पहल की शुरुआत शुक्रवार को होनी है, जिसके लिए आईआईएससी बेंगलुरु नोडल संस्थान होगा।

उन्होंने बताया कि असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा और सिक्किम में भी एसएफआईसी शुक्रवार को शुरू किया जाएगा।

भंडारी के अनुसार, बाकी राज्य आने वाले दिनों में एसएफआईसी शुरू करेंगे।

उन्होंने बताया कि एसएफआईसी को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें हिस्सा लेने वाली टीम एक व्यवस्थित नवाचार प्रक्रिया से गुजरें, जिसमें समस्या की पहचान और विचार पेश करना, प्रारंभिक जांच, तकनीकी मूल्यांकन, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और बूट कैंप, प्रयोगशालाओं एवं मेकर स्पेस तक पहुंच, प्रोटोटाइप तैयार करना, जमीनी स्तर पर प्रदर्शन और अंत में निर्णायक मंडल द्वारा आकलन शामिल है।

भाजपा ने बताया कि एसएफआईसी में हिस्सा लेने के लिए कोई उम्र सीमा तय नहीं की गई है।

भाषा पारुल पवनेश

पवनेश


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