सीबीआई ने छह साल बाद बेंगलुरु से घोषित भगोड़े को किया गिरफ्तार
सीबीआई ने छह साल बाद बेंगलुरु से घोषित भगोड़े को किया गिरफ्तार
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) केंद्रीय अन्वेष्ण ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में घोषित भगोड़ा महिला को छह साल बाद बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि नसरीन ताज नाम की महिला फर्जी पहचान के आधार पर लगभग छह साल से बेंगलुरु में रह रही थी और किसी को भी उसके बारे में जरा भी भनक तक नहीं लग पा रही थी।
उन्होंने बताया कि सीबीआई ने अपनी तलाश पूरी करते हुए नसरीन को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया। वह अपने पति, परिवार के सदस्यों और समाज से अलग पहचान बदलकर सलमा के नाम से रह रही थी और बार-बार अपना घर बदल रही थी।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘उसने अपनी असली पहचान के बारे में निवासियों के साथ-साथ अपने नियोक्ता को भी गुमराह किया। वह स्थानीय लोगों के साथ बहुत ही कम बातचीत करती थी, जिससे उसे ढूंढने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा था।’’
जांच एजेंसी ने एक साल की लंबी जांच के बाद 12 अक्टूबर 2010 को अपना आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें नसरीन पर उसके पति असदुल्लाह खान के साथ मिलकर सिण्डिकेट बैंक से 12.63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। इस साजिश में कुल नौ आरोपी शामिल थे।
जांच से पता चला कि नसरीन के पास आय का कोई स्वतंत्र स्त्रोत न होने के बावजूद उसने सिंडिकेट बैंक से 55 लाख रुपये के कृषि ऋण के अलावा धोखाधड़ी से 1.20 करोड़ रुपये तक की ‘टेंपरेरी ओवरड्राफ्ट’ (टीओडी) सुविधा का लाभ उठाया।
सीबीआई ने आरोप लगाया कि खेती के लिए दिए गए कर्ज को नसरीन ने कृषि विकास के लिए इस्तेमाल करने के बजाय गलत तरीके से टीओडी की वापसी में लगा दिया, जबकि इसे स्वीकृति की शर्तों के अनुसार केवल कृषि विकास के लिए ही उपयोग करना था।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि नसरीन जांच में शामिल नहीं हुईं, जिसके कारण अदालत ने 27 नवंबर, 2021 को उसे घोषित भगोड़ा अपराधी करार दिया था और उसकी संपत्ति कुर्क कर ली।
भाषा
प्रीति नरेश
नरेश

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