सीबीआई 590 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच संभालने को तैयार

सीबीआई 590 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच संभालने को तैयार

सीबीआई 590 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच संभालने को तैयार
Modified Date: April 9, 2026 / 06:16 pm IST
Published Date: April 9, 2026 6:16 pm IST

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) चंडीगढ़ के

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार के खातों से 590 करोड़ रुपये के गबन के मामले की जांच संभालने के लिए तैयार है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि हरियाणा सरकार ने पिछले महीने ही जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का फैसला किया था।

घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम मामले को अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया में हैं।’’

अधिकारी ने बताया कि हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) द्वारा दर्ज मामले के आधार पर जल्द ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अनुसार, हरियाणा सरकार के बैंक खाते से 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को कर्मचारियों और अन्य लोगों ने अंजाम दिया।

एसवी एंड एसीबी ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के दो पूर्व कर्मचारी और अन्य निजी व्यक्ति हैं।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपों के अनुसार, हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा राज्य के कोष को बैंक में ‘फिक्स्ड डिपॉजिट’ (एसएफडी) के रूप में जमा किया जाना था, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर इसे अपने निजी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर लिया।

सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विभिन्न फर्जी कंपनियों और छोटी आभूषण कंपनियों में भारी मात्रा में धनराशि अंतरित की गई है तथा अंततः सोने की खरीद और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के बहाने उसे निकाल लिया गया है।

उन्होंने कहा कि इस धन के लेन-देन में बड़ी मात्रा में नकदी निकासी भी देखी गई है।

चंडीगढ़ स्थित एक होटल व्यवसायी की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जो चंडीगढ़-मोहाली-पंचकुला में रियल एस्टेट परियोजनाओं के निर्माण में शामिल है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा था कि उसने हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों को मूलधन और ब्याज का 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया है, जो कि 583 करोड़ रुपये बनता है।

भाषा यासिर पवनेश

पवनेश


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