Dudhawa Tiger Park Vultures Death: बकरियों के मौत की कीमत पक्षियों ने चुकाई!.. यहां मिली 25 लुप्तप्राय हिमालयन ग्रिफिन गिद्धों की लाश.. हुआ हैरान कर देने वाला खुलासा
Dudhawa Tiger Park Vultures Death: दुधवा टाइगर रिजर्व में 25 हिमालयन गिद्धों की मौत, जहरीले कुत्तों के शव खाने से हुआ बड़ा वन्यजीव हादसा
Dudhawa Tiger Park Vultures Death || Image- Sachin Gupta File
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में स्थित दुधवा बाघ अभयारण्य (डीटीआर) के बफर जोन की भीरा रेंज में 25 गिद्धों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से वन्य महकमें में हड़कंप मच गया है। (Dudhawa Tiger Park Vultures Death) एकसाथ हुए गिद्धों की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) को गिद्धों के आंतरिक अंगों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
पांच अन्य गिद्ध अचेत अवस्था में मिले
दुधवा बफर जोन की उप निदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया कि लुप्तप्राय प्रजाति के 25 गिद्ध बफर जोन के अंतर्गत आने वाले सेमराई गांव के एक खेत में मृत पाए गए थे। इन गिद्धों में से अधिकांश हिमालयन ग्रिफिन प्रजाति के माने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उसी खेत में पांच अन्य गिद्ध अचेत अवस्था में मिले थे। उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।
गिद्धों के शव बरेली के IVRI भेजे गए
चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उसी खेत में कुछ दूरी पर मृत कुत्ते भी बरामद किए गए, ऐसे में आशंका है कि गिद्धों की मौत कुत्तों के अवशेष खाने से हुई है। उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सकों के एक पैनल ने 23 गिद्धों का पोस्टमार्टम किया। (Dudhawa Tiger Park Vultures Death) डीटीआर के क्षेत्रीय निदेशक एवं मुख्य वन संरक्षक डॉ. एच. राजमोहन के निर्देश पर दो मृत गिद्ध और 23 गिद्धों के विसरा आगे की जांच एवं विश्लेषण के लिए बरेली स्थित आईवीआरआई भेजे गए हैं।
हालांकि, पोस्टमार्टम से अवशेष में मिले जहर की प्रकृति का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन यह पुष्टि हुई है कि गिद्धों की मौत उसी स्थान से बरामद मृत कुत्तों के अवशेष खाने के कारण हुई। पोस्टमार्टम पैनल के सदस्य डॉ. दया शंकर ने बताया कि अंत्य परीक्षण में प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि मृत कुत्तों में कोई जहरीला पदार्थ मौजूद था, जिसे खाने के कारण 25 गिद्धों की मौत हो गई और पांच अन्य बीमार पड़ गए।
सभी ‘गंभीर रूप से लुप्तप्राय’ श्रेणी वाले गिद्ध
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय निदेशक के निर्देशानुसार 23 गिद्धों के आंतरिक अंग और दो मृत गिद्ध आईवीआरआई भेजे गए हैं, ताकि विशेषज्ञों द्वारा किए जाने वाले वैज्ञानिक विश्लेषण से मौतों के सटीक कारण और जहरीले पदार्थ की प्रकृति का पता लगाया जा सके। गिद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति हैं और इन्हें पक्षियों की ‘गंभीर रूप से लुप्तप्राय’ श्रेणी में रखा गया है।
कुत्तों में जहर का दावा
वही गिद्धों के मौत के पीछे जो वजह सामने आई है वह बेहद हैरान कर देने वाली है। सोशल मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ जिस इलाके में गिद्धों की लाशें मिली है वहां की आबादी बकरी पालन करती है। (Dudhawa Tiger Park Vultures Death) यहाँ आवारा कुत्तों ने कई बकरियों पर हमला कर दिया था और उन्हें मार दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने कुत्तों को जहर देकर मार दिया और उनके शवों को उसी इलाके में फेंक दिया। वही जब गिद्धों ने कुत्तों को शवों को खाया तो वह भी तड़प-तड़पकर मरने लगे।
कुत्ते ने बकरियों पर हमला किया
गांववालों ने जहर देकर कुत्ता मार दिया
कुत्ते का मांस खाकर 25 गिद्ध मर गए📍जिला लखीमपुर खीरी, उप्र a pic.twitter.com/es6ayqajKR
— Sachin Gupta (@Sachingupta) April 9, 2026
इन्हें भी पढ़ें:-
भारत के पास वैश्विक चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता : शक्तिकान्त दास
उप्र : मृत व्यक्ति की ओर से कराया गया जमीन का फर्जी बैनामा, जांच के आदेश
जनकपुरी गड्ढे में गिरने से हुई मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने 877 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया
असम विधानसभा चुनाव : अपराह्न एक बजे तक करीब 60 प्रतिशत मतदान
असम में चुनाव संबंधी हिंसा में सात लोग हिरासत में लिए गए : पुलिस

Facebook


