सीसीबी ने 100 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में द्रमुक नेता अंबिल महेश के परिसरों की ली तलाशी

सीसीबी ने 100 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में द्रमुक नेता अंबिल महेश के परिसरों की ली तलाशी

सीसीबी ने 100 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में द्रमुक नेता अंबिल महेश के परिसरों की ली तलाशी
Modified Date: September 16, 2026 / 02:27 pm IST
Published Date: September 16, 2026 2:27 pm IST

चेन्नई/तिरुचिरापल्ली, 16 सितंबर (भाषा) सीसीबी के अधिकारियों ने बुधवार को निजी स्कूलों को मंजूरी देने से जुड़े 100 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और द्रमुक नेता अंबिल महेश पोय्यामोझी के चेन्नई और तिरुचिरापल्ली स्थित विभिन्न आवासों और परिसर पर एक साथ तलाशी ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।

तलाशी छह स्थानों पर ली गई जिनमें से चार परिसर पूर्व मंत्री से जुड़े हैं और दो परिसर उनके सहयोगी वलादी कार्तिक से संबंधित हैं।

द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने तलाशी की कार्रवाई को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार की ओर से की गई ‘ राजनीतिक प्रतिशोध की स्पष्ट और खुली कार्रवाई’ करार दिया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने उनके स्कूल शिक्षा मंत्री रहने की अवधि से जुड़े विभागीय रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की। इसके बाद सीसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत पूर्व मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया।

जांच तमिलनाडु में निजी स्कूलों के संघों के महासंघ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विभिन्न निजी स्कूलों के प्रबंधन को स्थायी मान्यता दिलाने, उन्नयन, नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशालय (डीटीसीपी) से मंजूरी और राज्य सरकार की अन्य स्वीकृतियां दिलाने का झूठा आश्वासन देकर धोखा दिया गया।

इससे पहले 27 जून को सीसीबी ने सलिग्रामम निवासी 59 वर्षीय बी. टी. अरसाकुमार को कथित तौर पर स्कूल प्रबंधनों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांचकर्ताओं ने अब तक 177 प्रभावित निजी स्कूलों की जांच की है और स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों समेत 250 से अधिक लोगों से पूछताछ की है।

पुलिस ने अरसाकुमार और उसके परिवार से जुड़े 20 बैंक खातों के अलावा एक अन्य आरोपी मुथुकुमार से जुड़े 29 बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी है।

सीसीबी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए द्रमुक प्रमुख स्टालिन ने आरोप लगाया कि यह प्रशासनिक मोर्चे पर सामने आ रही गंभीर विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है।

स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राज्य के समक्ष उपस्थित समस्याओं का समाधान करने में असमर्थता से हताश होकर अक्षम टीवीके सरकार ने लोगों का ध्यान भटकाने के लिए छापेमारी का हथियार अपना लिया है।’’

उन्होंने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राज्य में व्यापक समस्याएं हैं, तब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय लंदन में हैं।

द्रमुक प्रमुख ने बिजली कटौती को लेकर राज्यभर में हुए विरोध प्रदर्शनों, पट्टिनापक्कम में मछुआरों के आंदोलनों, नेपाल में लापता हुए लोगों के परिवारों द्वारा सचिवालय के बाहर किए गए प्रदर्शन, आविन दूध की भारी कमी, रामनाथपुरम में दोहरा हत्याकांड, चेन्नई में विनायक चतुर्थी पर शोभायात्रा के दौरान सरकारी बस के चालक पर किए गए घातक हमले और अयनावरम में एक टीवीके कार्यकर्ता द्वारा महिला पुलिस अधिकारी के कथित उत्पीड़न का उल्लेख किया।

स्टालिन ने कहा, ‘‘विपक्षी दल के खिलाफ छापेमारी करके जनता के गुस्से को शांत नहीं किया जा सकता। यह सरकार जल्द ही समझ जाएगी कि झूठे आरोप कानून की कसौटी पर टिक नहीं पाएंगे।’’

भाषा संतोष वैभव

वैभव


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