बेटी को आया पहली बार पीरियड्स, जश्न में डूबे परिजन, काटा केक, मनाई गई जोरदार पार्टी..

बेटी को आया पहली बार पीरियड्स, जश्न में डूबे परिजन, काटा केक, मनाई गई जोरदार पार्टी..

Celebration at home on daughter first menstruation

Modified Date: July 21, 2023 / 04:30 pm IST
Published Date: July 21, 2023 4:30 pm IST

उधमपुर: बेटी को पहली बार मासिक धर्म आने की खबर जैसे ही माता और पिता को मिली, उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने फौरन परिजनों को भी इसकी सूचना दी, घर पर पार्टी का इंतज़ाम किया गया और फिर केक काटकर जश्न मनाया गया। (Celebration at home on daughter first menstruation) खबर उत्तराखंड के उधमपुर की हैं। अब इस पार्टी की जमकर चर्चा हो रही हैं। समाज में फैले भ्रान्ति को दूर करने के लिए इस जागरूकता की जमकर प्रशंसा की जा रही हैं।

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उत्तर भारत में भ्रान्ति

दरअसल काशीपुर कचहरी रोड गिरिताल के निवासी जितेंद्र भट्ट ने अपनी बच्ची के पहले पीरियड्स पर जोरदार जश्न मनाया। संगीत के शिक्षक भट्ट ने बताया कि जब वह छोटे थे तब उन्हें इस बात की ज्यादा मालूम नहीं था। जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तब वह देखते थे कि ज़ब बच्ची या महिला पीरियड्स होती थी, तब उन्हें बड़ी हीन दृष्टि से देखा जाता था और अगर वह उन दिनों में किसी भी सामान को छू देती थी, तब उसे अशुद्ध माना जाता था। उन्हें न यही किचन में घुसने दिया जाता था और न ही मंदिरों में प्रवेश मिलता था। पीरियड्स पर जश्न कोई नई बात नहीं हैं। दखिन भारत में इसका प्रचलन रहा हैं लेकिन उत्तर भारत में उलट इसपर बात भी नहीं की जाती। यह पहली बार हैं जब ऐसा कोई आयोजन किसी परिवार ने किया हो।

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छुआछूत गलत

एक समाचार चैनल से बात करते हुए महिला रोग विशेषज्ञ डॉ। नवप्रीत कौर ने बताया है कि यह बहुत अच्छी पहल है, इसे छुआछूत से जोड़ना एकदम गलत बात है। जब कोई भी महिला या लड़की पीरियड्स से होती है, तब उसके अंदर कोई गंदगी नहीं निकलती, बल्कि यूट्रस की अंदर की लेयर सेट होती है जिसके कारण ब्लडिंग होती है। (Celebration at home on daughter first menstruation) ठीक वैसे ही, जैसे मनुष्य पेशाब करता है। जो कि एक आम प्रक्रिया है। ये कोई बीमारी नहीं है, छुआछूत नहीं है। इस बीच में हर रोज नहाएं, हर रोज पूजा करें और हर रोज मंदिर जाएं।

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