केंद्रीय सूचना आयोग ने ‘बंद’ पोर्टल का संज्ञान लिया
केंद्रीय सूचना आयोग ने 'बंद' पोर्टल का संज्ञान लिया
नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से जुड़े एक ‘परित्यक्त’ आरटीआई पोर्टल पर अनजाने में दाखिल हो रहे आरटीआई आवेदन बिना जवाब के हैं। इस गंभीर चूक पर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने संज्ञान लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है।
जनवरी के पहले सप्ताह में पारित आदेशों की एक श्रृंखला में, सूचना आयुक्त जया वर्मा सिन्हा को सीजीएचएस ने बताया कि उसके मुख्यालय को न तो संबंधित आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए और न ही प्रथम अपील, क्योंकि ये आवेदन “डीओपीटी द्वारा अनजाने में खोले गए किसी अन्य पोर्टल” पर दाखिल किए गए थे, जो अब परित्यक्त स्थिति में है।
केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) ने आयोग को यह भी बताया कि उसके कार्यालय ने इस पोर्टल को बंद कराने के लिए कई बार अनुरोध भेजे हैं।
वर्ष 2024 में सीजीएचएस से विभिन्न जानकारियां मांगने वाले कई आरटीआई आवेदकों को कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय सूचना आयोग में अपील दायर की।
बार-बार सामने आ रही इस समस्या को गंभीर मानते हुए आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 25(5) के तहत एक परामर्श जारी किया। इसमें कहा गया कि संबंधित लोक प्राधिकरण के लिए एक “समानांतर आरटीआई पोर्टल मौजूद है, जिसे छोड़ दिया गया है लेकिन कुछ आवेदक अब भी उसी पोर्टल पर आरटीआई आवेदन दाखिल कर रहे हैं।”
आयोग ने सीजीएचएस को सलाह दी कि वह डीओपीटी के साथ समन्वय कर परित्यक्त पोर्टल को हटाने तथा उस पर लंबित सभी आरटीआई आवेदनों को स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए, ताकि आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उनका निपटारा किया जा सके।
सीआईसी ने यह भी कहा कि यह चूक तब सामने आई जब आयोग ने सुनवाई के लिए नोटिस जारी किए।
एक आदेश में कहा गया, “आयोग से सुनवाई नोटिस प्राप्त होने के बाद, प्रतिवादी ने अपीलकर्ता को आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई।”
भाषा राखी अविनाश
अविनाश

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