केंद्र ने इंदौर में जल प्रदूषण की घटना का संज्ञान लिया है : मंत्री

केंद्र ने इंदौर में जल प्रदूषण की घटना का संज्ञान लिया है : मंत्री

केंद्र ने इंदौर में जल प्रदूषण की घटना का संज्ञान लिया है : मंत्री
Modified Date: February 2, 2026 / 10:13 pm IST
Published Date: February 2, 2026 10:13 pm IST

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि उसने इंदौर के भागीरथपुरा में जल प्रदूषण की घटना का संज्ञान लिया है और अमृत तथा अमृत 2.0 जैसी वित्तीय एवं तकनीकी सहायता योजनाओं के माध्यम से राज्यों की मदद की जा रही है।

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में 1997 की पुरानी पाइपलाइन हैं, जिनमें से कुछ क्षतिग्रस्त हैं, इसलिए नगर प्रशासन ने पाइपलाइन के पुराने हिस्सों की पहचान की और उन्हें अमृत 2.0 योजना में शामिल किया है।

इंदौर के भागीरथपुरा में दिसंबर से दस्त और उल्टी से कई लोगों की मौत हो चुकी है।

मंत्री ने कहा कि इंदौर नगर निगम ने अमृत 2.0 के तहत इंदौर शहर के लिए जल आपूर्ति परियोजनाओं के चार पैकेज के लिए निविदाएं जारी की हैं, जिनमें से पैकेज-1 का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है और शेष तीन पैकेज अनुमोदन के चरण में हैं।

यह परियोजना संपूर्ण जल आपूर्ति श्रृंखला को कवर करती है और इसमें मौजूदा जल आपूर्ति प्रणाली का व्यापक नवीनीकरण, संवर्धन और आधुनिकीकरण शामिल है।

मंत्री ने कहा कि जल राज्य का विषय है और केंद्र सरकार परामर्श एवं अवसंरचना निधि के माध्यम से राज्यों के प्रयासों में सहयोग करती है।

साहू ने कहा कि राज्य सरकार ने सूचित किया है कि जल को दूषित होने से बचाने के लिए शहरी स्थानीय निकायों को मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) जारी की गई हैं। अब तक लगभग 14,181 रिसाव का पता लगा है, जिनमें से 12,634 की मरम्मत कर दी गई है। राज्य में 3,298 ओवरहेड टैंक में से 3,109 की सफाई की जा चुकी है।

मंत्री ने अपने लिखित जवाब में कहा, ‘‘80,976 नमूनों में से पानी के 656 नमूने दूषित पाए गए, जबकि प्रदूषण पाए जाने वाले 588 बिंदुओं पर कार्रवाई की गई।’’

भाषा अविनाश दिलीप

दिलीप


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