डेटा संरक्षण कानून के प्रावधान को चुनौती देने वाली नयी याचिका पर केंद्र को नोटिस

डेटा संरक्षण कानून के प्रावधान को चुनौती देने वाली नयी याचिका पर केंद्र को नोटिस

डेटा संरक्षण कानून के प्रावधान को चुनौती देने वाली नयी याचिका पर केंद्र को नोटिस
Modified Date: March 13, 2026 / 05:28 pm IST
Published Date: March 13, 2026 5:28 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम-2023 के एक प्रावधान की वैधता को चुनौती देने वाली एक नयी याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने शुक्रवार को याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया और इसे इसी तरह के मुद्दे उठाने वाली लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया।

अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी की ओर से दायर की गई नयी याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गई है कि सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के तहत प्राप्त और दर्ज किए गए व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण, विश्लेषण, प्रसार या पुनर्प्रकाशन पर 2023 अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं होंगे।

याचिका में यह निर्देश देने की भी मांग की गई थी कि 2023 अधिनियम के प्रावधान सार्वजनिक हित में व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण पर लागू नहीं होंगे, जिसमें भ्रष्टाचार, सार्वजनिक पद के दुरुपयोग या अपराध के कमीशन का खुलासा करने वाले लोग भी शामिल हैं।

पीठ ने मामले की सुनवाई 23 मार्च को तय की है।

उच्चतम न्यायालय ने अधिनियम-2023 के कई प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक अलग याचिका पर बृहस्पतिवार को केंद्र से जवाब मांगा था।

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

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