केंद्र ने बंगाल के लिए कोष रोका, विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी: अभिषेक
केंद्र ने बंगाल के लिए कोष रोका, विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी: अभिषेक
कोलकाता, 18 जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर पश्चिम बंगाल के लिए आवंटित केंद्रीय निधि रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के ‘‘परिवर्तन’’ के आह्वान के विपरीत राज्य के लोग चुनाव के बाद केंद्र में पार्टी को सत्ता से बेदखल करने की प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे।
नदिया जिले के चोपड़ा में रोड शो के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि राज्य के लोग ‘‘बाहरी लोगों और दिल्ली के जमींदारों के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेंगे’’।
केंद्र सरकार पर धनराशि रोकने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चाहती है कि बंगाल के लोग ‘‘झुककर आत्मसमर्पण कर दें’’।
उन्होंने कहा, ‘‘आपने बंगाल की जनता के लिए आवंटित धनराशि रोक दी और उन्हें परेशान किया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस और बंगाल की जनता नहीं बदलेगी।’’ उन्होंने कहा कि मोदी ने राज्य में अपने राजनीतिक संदेश में बदलाव किया है।
बनर्जी ने कहा, ‘‘पहले प्रधानमंत्री अपनी रैलियों की शुरुआत ‘जय श्री राम’ से करते थे, अब वे ‘जय मां काली’ कहते हैं।’’
बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछले पांच वर्षों में बंगाल के लोगों को ‘‘कष्ट दिया’’ है और दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ‘‘50 से कम सीट’’ पर सिमट जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘परिवर्तन जरूर आएगा। वर्ष 2026 के बाद मोदी बंगाल आकर ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाएंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में बंगाल की जनता राज्य में चौथी बार तृणमूल कांग्रेस को चुनकर आपको दिल्ली की सत्ता से बाहर कर देगी।’’
चुनाव से पहले विपक्षी दलों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘उन्होंने चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के आंकड़े चुराने की कोशिश की, लेकिन हमें जनता का समर्थन प्राप्त है।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उनके (भाजपा) पास प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और मीडिया का एक वर्ग सहित सब कुछ है। उन्होंने 2021 के चुनाव से पहले मेरे पीछे केंद्रीय एजेंसियों को लगाया था, लेकिन असफल रहे। अब वे झूठ का सहारा ले रहे हैं।’’
भाषा सुरभि सुरेश
सुरेश

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