थिरुप्परनकुंद्रम मंदिर का नियंत्रण एएसआई को देने संबंधी याचिका पर केंद्र, तमिलनाडु सरकार को नोटिस
थिरुप्परनकुंद्रम मंदिर का नियंत्रण एएसआई को देने संबंधी याचिका पर केंद्र, तमिलनाडु सरकार को नोटिस
नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र, तमिलनाडु सरकार और अन्य से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें एएसआई को थिरुप्परनकुंद्रम मंदिर का नियंत्रण लेने और ‘दीपथून’ (पत्थर का स्तंभ) के ऊपर रोजाना दीया जलाने के बारे में निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने हिंदू धर्म परिषद की याचिका पर भारत सरकार, तमिलनाडु सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और अन्य को नोटिस जारी किए।
सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत को बताया गया कि मद्रास उच्च न्यायालय ने छह जनवरी को दीया जलाने के एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखा था।
शीर्ष अदालत हिंदू धर्म परिषद की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एएसआई को मदुरै में थिरुप्परनकुंद्रम स्थित भगवान मुरुगन सुब्रमण्यम मंदिर का नियंत्रण लेने और ‘दीपथून’ के ऊपर हर समय एक दीया जलाने के निर्देश देने की मांग की गई थी।
याचिका में यह भी निर्देश देने की मांग की गई है कि हर साल कार्तिगई महीने में कार्तिगई के दिन पूरी पहाड़ी को दीयों से रोशन किया जाए और मुरुगन भक्तों को पूजा करने की इजाज़त दी जाए।
उच्च न्यायालय ने छह जनवरी को थिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीया जलाने की इजाजत देने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखा और द्रमुक सरकार की आलोचना की तथा उसके इस दावे को ‘मजाकिया’ बताया कि दीया जलाने से सार्वजनिक शांति भंग होगी।
न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के के रामकृष्णन की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए यह साफ कर दिया कि जिस जगह पर पत्थर का स्तंभ है, वह श्री सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का है।
भाषा वैभव मनीषा
मनीषा


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