वयस्कों के डायपर को जीएसटी से छूट देने के बारे में छह महीने में फैसला ले केंद्र सरकार: अदालत
वयस्कों के डायपर को जीएसटी से छूट देने के बारे में छह महीने में फैसला ले केंद्र सरकार: अदालत
नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को वयस्कों के डायपर को जीएसटी से छूट देने संबंधी याचिका पर छह महीने के अंदर विचार करने और निर्णय लेने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति नितिन डब्ल्यू सांब्रे और न्यामूर्ति अजय दिगपाल की पीठ ने वयस्क/क्लिनिकल डायपर पर लगाए गए पांच प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को चुनौती देने वाली याचिका पर यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि वयस्कों के डायपर कोई विलासिता की वस्तु नहीं है और इसका उपयोग अत्यधिक संवेदनशील आबादी करती है। उन्होंने कहा कि जब सैनिटरी पैड को छूट दी गई है, तो वयस्कों के डायपर पर जीएसटी लगाने का कोई कारण नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘सैनिटरी पैड और वयस्क डायपर के उपयोग में कोई स्पष्ट अंतर नहीं है। यदि आपको इसकी आवश्यकता है, तो आप इसके बिना नहीं रह सकते। यह एक स्वच्छता उत्पाद है जिसकी आपको आवश्यकता है। इसके बिना आपका जीवन गरिमाहीन है।’
याचिका दायर करने वाले दिव्यांग व्यक्तियों ने तीन सितंबर, 2025 को अधिकारियों को एक प्रतिवेदन भेजा था, जिस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
पीठ ने कहा, “संबंधित अधिकारी तीन सितंबर 2025 के याचिकाकर्ताओं के प्रतिवेदन और उसमें उठाए गए सभी मुद्दों पर विचार करके फैसला लें। यह फैसला उचित समय के अंदर लिया जाए, और पीठ के अनुसार यह समय सीमा छह महीने होगी।”
भाषा जोहेब सुरेश
सुरेश

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