चाबहार परियोजना: अमेरिकी नीतियों के प्रभाव से निपटने के लिए सभी पक्षों से वार्ता जारी

चाबहार परियोजना: अमेरिकी नीतियों के प्रभाव से निपटने के लिए सभी पक्षों से वार्ता जारी

चाबहार परियोजना: अमेरिकी नीतियों के प्रभाव से निपटने के लिए सभी पक्षों से वार्ता जारी
Modified Date: February 5, 2026 / 06:57 pm IST
Published Date: February 5, 2026 6:57 pm IST

नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद को बताया कि वह चाबहार परियोजना में भारत की भागीदारी पर अमेरिकी प्रतिबंधों या शुल्‍क नीतियों में हालिया बदलावों के प्रभावों से निपटने के लिए संबंधित सभी पक्षों के साथ बात कर रही है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सवाल किया था कि क्या उसने ऐसे प्रभावों का आकलन किया है। कांग्रेस नेता ने पिछले पांच वर्षों में भारत द्वारा ईरान में चाबहार बंदरगाह परियोजना के विकास और संचालन पर किए गए वित्तीय योगदान और व्यय के बारे में भी जानकारी मांगी।

इस प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा, “इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड और ईरान के पोर्ट्स एंड मेरिटाइम ऑर्गनाइजेशन के बीच 13 मई 2024 को शहीद बेहेश्ती टर्मिनल को तमाम उपकरणों और सुविधाओं से लैस करने और संचालित करने के लिए किए गए मुख्य अनुबंध के अनुसार, भारत ने उपकरणों की खरीद के वास्ते 12 करोड़ अमेरिकी डॉलर का योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर ली है।”

उन्होंने बताया कि अंतिम किश्त 26 अगस्त, 2025 को हस्तांतरित की गई थी।

खरगे ने यह भी पूछा था कि क्या पिछले दो वर्षों में भारत की चाबहार परियोजना में भागीदारी को लेकर अमेरिका या अन्य संबंधित साझेदारों के साथ कोई कूटनीतिक वार्ता हुई है? उन्होंने भारत की परियोजना में सहभागिता जारी रखने के लिए “आपातकालीन योजनाओं” के विवरण मांगे थे।

सिंह ने कहा, “16 सितंबर, 2025 को अमेरिकी विदेश विभाग ने प्रेस वक्तव्य में 2018 में लागू प्रतिबंध में छूट को रद्द कर दिया… यह 29 सितंबर, 2025 से प्रभावी हुआ।”

मंत्री ने कहा, “अमेरिकी पक्ष के साथ हुई चर्चाओं के बाद, उन्होंने 26 अप्रैल, 2026 तक शर्तों के तहत प्रतिबंध छूट के लिए दिशानिर्देश जारी किये। भारत सरकार इन घटनाक्रमों के प्रभावों से निपटने के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रही है।”

भाषा मनीषा अविनाश

अविनाश


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