Ram Mandir Donation Case: चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय जानकारी देने से किया इनकार, इस बात का दिया हवाला, जानकर चौंक जाएंगे आप भी
Ram Mandir Donation Case: चंपत राय ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच का हवाला देते हुए ट्रस्ट की वित्तीय जानकारी देने से इनकार कर दिया है।
Ram Mandir Donation Case/Image Credit: X Handle
- राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने ट्रस्ट की वित्तीय जानकारी देने से किया इनकार
- एसआईटी की जांच का हवाला देते हुए वित्तीय जानकारी देने से इनकार किया है।
- भाजपा नेता रजनीश सिंह ने पीएमओ में दर्ज करवाई थी शिकायत।
Ram Mandir Donation Case: अयोध्या: अयोध्या में स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में हुए कथित घोटाले की जांच के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच का हवाला देते हुए ट्रस्ट की आमदनी, खर्च, दान और बैंक खातों समेत संबंधित जानकारी देने से इनकार कर दिया है। चंपत राय ने जानकारी देने से ऐसे समय में मना किया है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता रजनीश सिंह की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में दी गई शिकायत को जरूरी कार्रवाई के लिए अयोध्या जिला प्रशासन को भेजा गया।
क्या है मामला?
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विशु राजा को 23 जून को लिखे पत्र में अपर जिलाधिकारी (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने शिकायत में मांगी गई जानकारी के लिए राय से संपर्क किया था। पत्र के मुताबिक राय ने उन्हें बताया है कि कथित चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जांच अभी जारी है और एसआईटी सभी जरूरी जानकारियां इकट्ठा कर रही है। (Ram Mandir Donation Case) द्विवेदी ने बताया कि राय ने कहा है कि मामले में जारी जांच को देखते हुए वांछित जानकारी नहीं दी जा सकती।
भाजपा नेता रजनीश सिंह ने पीएमओ में दर्ज करवाई थी शिकायत
Ram Mandir Donation Case: भाजपा नेता रजनीश सिंह ने 12 जून को पीएमओ में दर्ज करायी गयी शिकायत में मांग की थी कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अपने गठन की शुरुआत से लेकर अब तक के अपने सभी वित्तीय और संपत्ति संबंधी विवरण सार्वजनिक करे। (Ram Mandir Donation Case) इस सप्ताह की शुरुआत में पीएमओ द्वारा भेजी गई इस शिकायत में कई जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई थी।
पीएमओ ने ‘समर्पण निधि’ अभियान के जरिए एकत्र किये गये धन, अलग-अलग तरीकों से मिले दान, सोने-चांदी और गहनों के रूप में मिले योगदान, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन, ज़मीन की खरीद-बिक्री, मंदिर निर्माण और प्रशासन पर हुए खर्च और ऑडिट तथा निरीक्षण रिपोर्ट शामिल हैं। सिंह ने शिकायत में कहा कि भारत और दूसरे देशों में करोड़ों भक्तों ने राम मंदिर के निर्माण में योगदान किया है इसलिए उन्हें यह जानने का नैतिक और लोकतांत्रिक अधिकार है कि दान और चढ़ावे का इस्तेमाल किस तरह से किया गया है।
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