चेन्नई के ऐतिहासिक पचैयप्पा कॉलेज को 184 वर्षों के बाद सह-शिक्षा दर्जा

चेन्नई के ऐतिहासिक पचैयप्पा कॉलेज को 184 वर्षों के बाद सह-शिक्षा दर्जा

चेन्नई के ऐतिहासिक पचैयप्पा कॉलेज को 184 वर्षों के बाद सह-शिक्षा दर्जा
Modified Date: June 18, 2026 / 02:30 pm IST
Published Date: June 18, 2026 2:30 pm IST

चेन्नई, 18 जून (भाषा) भारत के सबसे पुराने उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक ने तब एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया जब तमिलनाडु सरकार ने 184 साल पुराने पचैयप्पा महाविद्यालय को सह-शिक्षा दर्जा दे दिया।

कॉलेज प्राचार्य डॉ. बेबी गुलनाज द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने 15 जून को सरकारी आदेश (जी.ओ.) संख्या 100 के माध्यम से इस बदलाव को औपचारिक रूप दिया।

साल 1842 में स्थापित यह संस्थान कई पीढ़ियों से शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक रहा है।

प्रशासन सह-शिक्षा मॉडल में इस बदलाव को अपने इतिहास में एक बड़ा मोड़ मान रहा है। यह निर्णय आधिकारिक तौर पर छात्राओं के लिए संस्थान के दरवाजे खोलता है, जिससे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और एक विविध व जीवंत शिक्षण माहौल तैयार होगा।

महाविद्यालय ने कहा कि यह कदम समावेशी शिक्षा, समानता और समाज की बदलती शैक्षिक अपेक्षाओं को पूरा करने के उसके संकल्प की पुनः पुष्टि करता है।

इस घोषणा का महाविद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य, शिक्षक दल, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, प्रशासनिक कर्मचारियों, छात्रों, पूर्व छात्रों और शुभचिंतकों ने ‘अत्यधिक प्रसन्नता और गर्व’ के साथ स्वागत किया।

विज्ञप्ति में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि यह मील का पत्थर विभिन्न हितधारकों के दीर्घकालिक प्रयासों का सफल परिणाम है।

भाषा अमित

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